जमानियां। गुरुवार को कड़ाके की ठंड के बावजूद प्रशासन द्वारा सार्वजनिक स्थानों पर अलाव की व्यवस्था नहीं की गई है। जिससे परेशान होकर लोग खुद लकड़ी और कूड़ा-कचरा बटोर कर अलाव जलाने को मजबूर रहे। राहगीरों के साथ शव के साथ अंतिम संस्कार में आने वाले को ठंड से काफी परेशान रहे। अलाव की व्यवस्था नहीं होने पर स्थानीय निवासियों ने प्रशासन की संवेदनहीनता पर नाराजगी जताई है। प्रमुख चौराहों, बस स्टैंडों और रेलवे स्टेशनों पर अलाव का कोई इंतजाम नहीं है। जिसके चलते रेल यात्रियों सहित लोग ठिठुरन से बचने के लिए आस-पास से जली हुई लकड़ियाँ, कचरा और यहाँ तक कि बेकार पड़े टायर जलाते देखे गए। कड़ाके की ठंड और अलाव न होने से बुजुर्गों और बच्चों में सर्दी, खांसी और बुखार की समस्या बढ़ रही है। शांति एकता कमेटी के सरपस्त नेसार अहमद खान वारसी, नेहाल खान, इजहार खान, मुन्ना गुप्ता, अमन खान गांधी, आरिफ खान, हयात खान वारिस, वीरेंद्र कुमार, इमरान नियाजी सहित आदि लोगों के बताया कि बढ़ती ठंड को देखते हुए भी प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा चिन्हित स्थानों पर अबतक अलाव जलाने की व्यवस्था नहीं किया। स्थानीय लोगों ने अधिकारियों के खिलाफ नाराजगी जाहिर की है। क्योंकि अब तक न तो सरकारी कंबल वितरित किए गए हैं। और न ही पर्याप्त अलाव की व्यवस्था की गई है। लोग अलाव की व्यवस्था न होने पर खुद लकड़ी और कचरा जलाकर ठंड से बच रहे हैं। इस बाबत उपजिलाधिकारी ज्योति चौरसिया ने बताया कि अलाव जलाने के लिए विभागीय स्तर पर कार्यवाही की जा रही है। सलीम मंसूरी की रिपोर्ट जमानिया