*वाराणसी में “रोज़गार दो–सामाजिक न्याय दो” पदयात्रा के पाँचवें दिन उमड़ा जनसैलाब, ढोल–नगाड़ों के बीच संजय सिंह का भव्य स्वाग*बच्चों के हक़ की आवाज़ बनी पदयात्रा—संजय सिंह बोले बच्चों को खेल का मैदान दे सरकार*जनसा से लहरतारा तक पदयात्रा को महिलाओं, युवाओं और बुज़ुर्गों का अभूतपूर्व समर्थन* रोज़गार और सामाजिक न्याय के सवाल पर काशी की सड़कों पर उतरी जनता, हर वर्ग की साझा लड़ाई बनी आप की पदयात्रा*पूरे प्रदेश में मणिकर्णिका घाट ध्वस्तीकरण के खिलाफ आप का जबरदस्त प्रदर्शन—भाजपा सरकार को चेतावनी: संजय सिंह*बुनकरों और रेडी–पटरी वालों के सम्मान और रोज़गार की लड़ाई सड़क से सदन तक लड़ेगी आप: संजय सिंहउत्तर प्रदेश में बेरोज़गारी, सामाजिक अन्याय और जनविरोधी नीतियों के खिलाफ आम आदमी पार्टी की “रोज़गार दो–सामाजिक न्याय दो” पदयात्रा के पाँचवें दिन मंगलवार को वाराणसी में जनसमर्थन का सैलाब उमड़ पड़ा। सुबह मौर्या लॉन, जनसा चौराहा से जैसे ही पदयात्रा आगे बढ़ी, ढोल–नगाड़ों, फूलों की वर्षा और गगनभेदी नारों के बीच सांसद संजय सिंह का जोरदार स्वागत किया गया। महिलाओं ने आरती उतारी, बुज़ुर्गों ने आशीर्वाद दिया और बच्चों ने तख्तियों व नारों के साथ पदयात्रा में शामिल होकर माहौल को भावनात्मक जनआंदोलन में बदल दिया।इस पदयात्रा में नौनिहालों की आवाज़ खास तौर पर गूंजी। बच्चों के साथ चलते हुए संजय सिंह ने उनके हक़ की बात उठाई और कहा—“बच्चों को खेल का मैदान दो, किताब और कलम दो, डर और नफरत नहीं।” उन्होंने कहा कि सामाजिक न्याय की यह लड़ाई अब सिर्फ बड़ों की नहीं रही, इसमें बच्चे, युवा और बुज़ुर्ग सभी एकजुट हो चुके हैं और यही एकता बदलाव की सबसे बड़ी ताकत बनेगी।जनसा से गोपालपुरा, कोरोटा होते हुए लहरतारा स्थित समृद्धि होटल बैंक्वेट एंड लॉन तक हर गली, हर चौराहे पर लोगों ने पदयात्रा का स्वागत किया। दुकानों से निकलते व्यापारी, घरों से निकलती महिलाएं और स्कूल से लौटते बच्चे—हर कोई इस यात्रा का हिस्सा बनता दिखा। जनता का यह जोश बता रहा था कि वाराणसी अब सिर्फ देख नहीं रही, बल्कि बदलाव की लड़ाई में सीधे उतर चुकी है।मनरेगा पर सरकार को घेरते हुए संजय सिंह ने कहा कि भाजपा सरकार ने इस योजना की आत्मा को ही कमजोर कर दिया है। राज्यों पर भारी हिस्सेदारी डालकर मनरेगा को धीरे–धीरे ठप करने की साज़िश रची गई, जिसका खामियाजा गांवों के गरीब मजदूर भुगत रहे हैं। काम के दिन घटते जा रहे हैं और भुगतान महीनों लटक रहा है। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी इस अन्याय को स्वीकार नहीं करेगी और गांव–गांव तक रोज़गार की गारंटी की लड़ाई लड़ेगी।वाराणसी और आसपास के क्षेत्रों के बुनकर समाज और रेडी–पटरी वालों के मुद्दे पर संजय सिंह ने नए अंदाज़ में सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि यह वे लोग हैं जिनकी मेहनत से शहरों की पहचान बनी, लेकिन आज वही लोग असुरक्षा और अनिश्चितता में जीने को मजबूर हैं। कभी महंगाई, कभी छापे और कभी अव्यवस्थित नीतियों ने इनकी कमर तोड़ दी है। संजय सिंह ने कहा कि आम आदमी पार्टी का संकल्प है कि इन मेहनतकश वर्गों को सम्मान, स्थायित्व और रोज़गार की ठोस गारंटी मिले, ताकि वे डर के नहीं, आत्मसम्मान के साथ अपना जीवन चला सकें।आज मंगलवार को पूरे उत्तर प्रदेश में आम आदमी पार्टी द्वारा मणिकर्णिका घाट को तहस–नहस किए जाने, मंदिरों और मूर्तियों को तोड़े जाने तथा पौराणिक–सांस्कृतिक विरासत से छेड़छाड़ के विरोध में जबरदस्त प्रदर्शन किया गया। संजय सिंह ने कहा कि प्रदेश के हर ज़िले में आप कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों का सड़कों पर उतरना भाजपा सरकार के लिए साफ चेतावनी है। उन्होंने कहा कि आस्था, इतिहास और विरासत पर हमला बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और जनता इसका करारा जवाब देगी।पदयात्रा के दौरान युवाओं ने पेपर लीक, भर्ती घोटालों और बेरोज़गारी का मुद्दा उठाया। संजय सिंह ने कहा कि मेहनती नौजवानों के सपनों से खिलवाड़ अब रोज़ की बात बन चुकी है। यह पदयात्रा उसी अन्याय के खिलाफ़ आवाज़ है और जब तक युवाओं को उनका हक़ नहीं मिलेगा, यह संघर्ष जारी रहेगा