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बुरा कहना आसान है योगी बनना मुश्किल

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यूपी: जो योगी को बाबर की औलाद बता रहे हैं उनकी हैसियत योगी के सामने खड़ा होने की भी नहीं है..2014 के पहले भी भगवा का असली चेहरा योगी आदित्यनाथ थे और आज भी हैं! उत्तर प्रदेश में अपराध पर अंकुश लगाना सामान्य बात नहीं है..मुझे लगता है जिस तरीके का एक स्वयंभू शंकराचार्य की भाषा है वह मान्य नहीं है और न ही सभ्य समाज द्वारा स्वीकार्य है। साधु और संत सहज, शांत-स्वभाव से होते हैं। योगी राजनीति में भी होकर कभी इतना उग्र भाषा संवाद नहीं करते जितना कि एक स्वयंभू शंकराचार्य प्रति सप्ताह किसी न किसी मुद्दे पर आकर ज्ञान बांटते हैं !सनातन के लिए योगी ने क्या किया यह किसी से छिपा नहीं है और शंकराचार्य को क्या करना चाहिए कोई जान न सका और उनका महत्वपूर्ण कार्य क्या होता है, कोई पहचान न सका !जबकि योगी आदित्यनाथ हिन्दुत्व फायर ब्रांड होने के साथ-साथ हिन्दू हृदय सम्राट भी हैं, जो करोड़ों दिलों पर राज करते हैं। योगी आदित्यनाथ जी की बढ़ता कद और शख्सियत से परेशान लोग आज तोहमत की अपनी जालीदार टोपी उनके ऊपर थोप रहे हैं, लेकिन योगी जी कार्य में निपुण ईमानदार और विशुद्ध जन सेवक हैं।कई लोग कहेंगे कि मैं पत्रकार होकर इस तरह का भाषा और लेख कैसे लिख सकता हूँ?                                  क्यों भाई…

अच्छाई को लोगों तक पहुंचाने का भी कार्य कलम का ही होता है और फर्ज भी !

योगी को वरदान में नहीं मिला, ना विरासत में, किसी ने राजनीतिक पुरोधा नहीं बनाया। योगी ने अपने कर्म और तपोज्ञान से भारत के भू भाग में एक विशेष पहचान के साथ घर-घर तक पहुंचे हैं ! जब मठ और शंकराचार्य की व्यवस्था संचालन पर सरकारी पहरा लगा हुआ था, तब आज के शंकराचार्य जिनकी कभी बोली नहीं निकलती थी, जिन सरकार और पार्टी के लोगों ने हिंदुत्व की कत्ल किया उसके विरोध में कितनी बार शंकराचार्य ने अपना स्वर ऊंचा किया,क्या आपको याद है !आज जिस तरीके से साधु संतों का सम्मान बढ़ा है किसी से छुपा नहीं है नहीं पूर्व के सरकारों में महाराष्ट्र की साधु हत्याकांड से लेकर विकराल रूप ले रहा सनातन विरोध आज भारत में विद्रोह की स्थिति में खड़ा नजर आता ! लिखने को तो बहुत है लेकिन समझदार के लिए इशारा काफी है उसे समय भी साधु संत भारत में थे और शंकराचार्य भी जब कश्मीर से हिंदुओं को पीट-पीट कर हत्या कर दी गई और भगा दिया गया 2014 के पहले भी सरकार थी जिसकी नियत पर लगातार सवाल उठाते रहे किसी मंदिर पुनरुत्थान की बात तो छोड़िए मंदिरों को नष्ट करने की साजिश लगातार होती रही और तो और भारत में सनातन को भी कुचलने का भरपूर प्रयास किया जाता रहा ! मुस्लिम तुष्टिकरण में मशगूल सरकारें भूल ही गई थीं कि यह हिंदुस्तान है, हिन्दू बाहुल्य हैं, फिर भी उनकी कोई नहीं सुनता गाली देना तो आसान है लेकिन सच का सामना करना बड़ा मुश्किल। निश्चित तौर पर योगी महानायक के रूप में भारत के भगवा ध्वजवाहक हैं, जिनका सम्मान हर हिन्दू करता है और आगे भी करेगा ..नकली लोगों को पहचानो…स्वार्थ के लिए कत्ल तो क्या नरसंहार भी कर सकते हैं !

 

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