तहसील मुख्यालय स्थित लठिया गांव में 2 फरवरी को 30 वां धम्म लठिया धूमधाम से महोत्सव

सलीम मंसूरी की रिपोर्ट जमानिया

जमानियां। तहसील मुख्यालय स्थित लठिया गांव में 2 फरवरी को 30 वां धम्म लठिया धूमधाम से महोत्स मनाया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ, रविन्द्र मौर्य राष्ट्रीय अध्यक्ष और मुख्य अतिथि परम श्रद्धेय फ्रा अनिल कुमार शाक्य, डॉ केशवमान शाक्य पूर्व कैबिनेट मंत्री नेपाल सरकार इसके साथ ही अशोक कुमार सिन्हा, माननीय के, सिंह तथा प्रोफेसर अरुण यादव शामिल रहे। जिसमें नेपाल और थाईलैंड सहित कई देशों के दार्शनिक और इतिहासविद शामिल रहे। बताया जाता है। कि सम्राट अशोक क्लब द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में सम्राट अशोक के विचारों के माध्यम से अंतर्राष्ट्रीय संबंधों को मजबूत करने और राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा देने पर चर्चा की गई। लटिया महोत्सव 2 फरवरी, जमानियां स्थित प्राचीन अशोक स्तंभ परिसर। मुख्य उद्देश्य तथागत बुद्ध और सम्राट अशोक के विचारों का प्रसार, वैज्ञानिक सोच विकसित करना, और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करना। बता दें आयोजक सम्राट अशोक क्लब जो पिछले बीसों वर्षों से अधिक समय से इसका आयोजन कर रहा है। प्रतिभागी भारत के विभिन्न हिस्सों से दार्शनिक, इतिहास विद और हज़ारों अनुयायी। कार्यक्रम की सफलता के लिए क्लब के सदस्यों द्वारा जनसंपर्क, बैनर-पोस्टर के माध्यम से प्रचार-प्रसार किया गया है। यह महोत्सव विशेष रूप से वहां स्थापित सबसे पुरानी लठ (अशोक स्तंभ) के कारण ऐतिहासिक महत्व रखता है। 30 वें लटिया महोत्सव 2026 (2 फरवरी) में मुख्य अतिथि परम श्रद्धेय फ्रा अनिल कुमार शाक्य ने सम्राट अशोक और भगवान बुद्ध के विचारों का प्रसार करने, शांति-सद्भाव बनाए रखने और भारतीय संविधान के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय सहयोग, राष्ट्रीय एकता, और सम्राट अशोक की लोक कल्याणकारी नीतियों को अपनाने का संदेश दिया। इसके साथ ही ऐतिहासिक धरोहर को बचाने का आह्वान किया गया। मुख्य विचार और संदेश मुख्य अतिथि ने भारतीय संविधान को राष्ट्र की पुस्तक बताते हुए। कहा कि यह देश के प्रत्येक नागरिक को सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक अधिकार सुनिश्चित करता है। शाक्य ने ऐतिहासिक धरोहर का महत्व भी बताया और कहा कि लटिया (अशोक स्तंभ) को एक अमूल्य धरोहर है। इसके संरक्षण पर जोर दिया जाए। मानवता की सुरक्षा के लिए सम्राट अशोक के शांतिपूर्ण संदेशों को जन-जन तक पहुंचाने का संदेश भी दिया। उन्होंने कहा कि भारत और नेपाल के बीच अटूट संबंधों और बौद्ध धर्म के माध्यम से अन्य देशों (जैसे थाईलैंड, जापान) के साथ मैत्री संबंधों पर जोर दिया गया। इस दौरान धम्म गुरुओं और विशिष्ट अतिथियों द्वारा पंचशील दीप प्रज्ज्वलन और ध्वजारोहण (तिरंगा, पंचशील और अशोक ध्वज) किया गया। बुद्ध के विचारों और अशोक के इतिहास पर आधारित संगोष्ठी आयोजित की गई। और साहित्य का विमोचन (जैसे ‘सभ्यताओं के शिक्षक बुद्ध’) किया गया। इस कार्यक्रम की वैश्विक महत्ता को दर्शाता है। उक्त मौके पर एसडीएम ज्योति चौरसिया, क्षेत्राधिकारी अनिल कुमार, कोतवाली प्रभारी रामसजन नागर, दुर्गेश तिवारी, अभय तिवारी, सुधीर शुक्ला, आलोक तिवारी, रतन कुमार सरोज सहित कई थानों के पुलिस कर्मी ड्यूटी पर तैनात रहे। इस अवसर पर व्यवस्था में लगे रहे। ब्लाक प्रमुख प्रतिनिधि संतोष कुशवाहा, पूर्व जिला पंचायत सदस्य एवं मंडल प्रभारी धनंजय मौर्य, राजू कुशवाहा, आजाद कुशवाहा, बीरबहादुर कुशवाहा, डॉ जीएस कुशवाहा, डॉ सच्चितानंद मौर्य, राकेश कुमार मौर्य सहित आदि कार्यकर्ता शामिल रहे।.इस दौरान श्रद्धालुओं की भीड़ लगभग 10 से 15 हजार के आस पास रही होगी।2. लठिया महोत्सव मार्ग सड़क के दोनों तरफ खाने पीने के साथ खिलौने एवं श्रृंगार की दुकानें सजी रही।

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