17 वें जनजातीय युवा महोत्सव के तीसरे दिन डीएम ने किया प्रेरक सम्बोधन

वरिष्ठ पत्रकार राजेंद्र गुप्ता

वाराणसी — युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय और गृह मंत्रालय भारत सरकार के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित सात दिवसीय 17 वां जनजातीय युवा आदान प्रदान कार्यक्रम का तीसरा दिन गरिमामयी एवं उत्साह पूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुआ। इस मौके पर मुख्य अतिथि के रूप में जिलाधिकारी वाराणसी सत्येन्द्र कुमार उपस्थित रहे। मुख्य अतिथि ने माल्यार्पण व दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारम्भ कराया। जिला युवा अधिकारी यतेन्द्र सिंह ने जिलाधिकारी सत्येन्द्र कुमार को अंगवस्त्रम व स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। इस कार्यक्रम में नारायणपुर से आए जनजातीय युवाओं ने सामूहिक पारम्परिक नृत्य प्रस्तुत कर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।उनकी पारम्परिक वेशभूषा और लयबद्ध प्रस्तुति से पूरा सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।इस मौके पर मुख्य अतिथि सत्येंद्र कुमार ने कहा कि यह कार्यक्रम केवल सांस्कृतिक आदान-प्रदान तक सीमित नहीं है, बल्कि राष्ट्रीय एकता समाजिक समरसता और युवा सशक्तिकरण का सशक्त माध्यम भी है। जिला अधिकारी ने उनकी प्रस्तुति की सराहना करते हुए भारत की सांस्कृतिक विविधता को देश की सबसे बड़ी शक्ति बताया। जिलाधिकारी ने काशी की आध्यात्मिक और ऐतिहासिक महत्ता का उल्लेख करते हुए युवाओं को जीवन में ऊंचे लक्ष्य निर्धारित करने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम युवाओं को नई दृष्टि, नई दिशा और नई ऊर्जा देते हैं, तथा उन्हें विकास की मुख्य धारा से जोड़ते हैं। इस कार्यक्रम का संचालन राज्य प्रशिक्षक मनोज शर्मा ने तथा धन्यवाद ज्ञापित सन्त रविदास नगर जिला युवा अधिकारी रामगोपाल सिंह चौहान ने किया। इस अवसर पर ललितपुर से लेखा एवं कार्यक्रम सहायक विकास चौरसिया, भूतपूर्व स्वयंसेवक नंदकिशोर, पूर्व स्वयंसेवक राकेश यादव तथा सुरेश भारद्वाज उपस्थित रहे।

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