साभार जबलपुर (इंद्र यादव) नई दिल्ली,धर्म की आड़ में छिपे चेहरों पर से एक बार फिर नकाब उतरा है। खुद को ‘महामंडलेश्वर’ कहने वाले उत्तम स्वामी महाराज पर राजस्थान की एक युवती ने दुष्कर्म (रेप) जैसे संगीन आरोप लगाए हैं। दिल्ली में FIR दर्ज होते ही महाराज ‘अंतर्ध्यान’ हो गए हैं और भेड़ाघाट स्थित उनके आलीशान आश्रम में कथा बीच में ही रोक दी गई है।
राजस्थान की रहने वाली पीड़िता का आरोप है कि उत्तम स्वामी ने आशीर्वाद देने और धर्म की शिक्षा देने के बहाने उसका यौन शोषण किया। युवती ने हिम्मत जुटाकर दिल्ली के पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने में शिकायत दर्ज कराई। चूंकि मामला बेहद संवेदनशील था, पुलिस ने तुरंत धारा 376 के तहत मामला दर्ज कर लिया।
असामाजिक हिस्ट्री: विवादों से पुराना नाता !
उत्तम स्वामी का विवादों में रहना कोई नई बात नहीं है। सूत्रों और स्थानीय रिकॉर्ड्स की मानें तो उनका नाम पहले भी कई संदिग्ध गतिविधियों में आ चुका है:उत्तम स्वामी पर अक्सर आरोप लगते रहे हैं कि वे सत्ता के गलियारों में अपनी पैठ का इस्तेमाल भू-माफियाओं और विवादित लोगों को संरक्षण देने के लिए करते हैं। जबलपुर के भेड़ाघाट क्षेत्र में आश्रम के विस्तार को लेकर स्थानीय ग्रामीणों ने कई बार भूमि अतिक्रमण की शिकायतें की थीं, जिन्हें उनके रसूख के चलते दबा दिया गया।
एक साधारण कथावाचक से करोड़ों के साम्राज्य और आलीशान गाड़ियों के बेड़े तक का सफर हमेशा जांच के घेरे में रहा है।
पूर्व में भी आश्रम से जुड़े कुछ लोगों ने स्वामी के ‘अघोषित’ व्यवहार और डराने-धमकाने की गतिविधियों पर दबी जुबान में सवाल उठाए थे।
मैदान छोड़कर भागे ‘महाराज’
जैसे ही जबलपुर पुलिस और दिल्ली पुलिस की सक्रियता बढ़ी, भेड़ाघाट में चल रही भागवत कथा को ‘अपरिहार्य कारणों’ का हवाला देकर अचानक रोक दिया गया। समर्थकों ने दावा किया कि स्वामी जी की तबीयत खराब है, लेकिन हकीकत यह है कि वे गिरफ्तारी के डर से अंडर ग्राउंड हो गए हैं।जिस मंच से ‘मर्यादा’ और ‘संस्कार’ की बातें की जा रही थीं, आज उसी मंच का संचालक कानून के डर से छिपता फिर रहा है!पुलिस की टीमें अब स्वामी के संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या ‘महामंडलेश्वर’ का चोला पहनने वाला यह शख्स कानून का सामना करेगा या लंबे समय तक फरार रहेगा