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अजमेर शरीफ दरगाह पर चादर चढ़ाने से पहले आसपास के मोहल्लों में घुमाया गया चादर

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वाराणसी। बनारस के मुकीमगंज निवासी जनाब नसीर मंसूरी के नेतृत्व में रविवार को दर्जनों जायरीनों ने चादर को आसपास के मोहल्लों में घुमाने के साथ अजमेर शरीफ दरगाह के लिए रवाना हुए। रवाना होने का अर्थ है। ख्वाजा गरीब नवाज़ (रज़ि.) को सम्मान और अकीदत और (श्रद्धांजलि) अर्पित करना है। जहाँ जायरीनों के द्वारा चादर चढ़ा कर सुख शांति के लिए (इबादत ) प्रार्थनाओं करना है। वहीं ख्वाजा साहब की लंबी तपस्या या पानी की पवित्रता से जुड़ी एक परंपरा का हिस्सा है। जिसे औलिया(संत) की कब्र पर चढ़ाया जाता है। बताया जाता है। कि अजमेर शरीफ में ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह पर चढ़ाई जाने वाली चादर श्रद्धा, सम्मान और मन्नत पूरी होने का प्रतीक होती है। जो हजारों की संख्या में चाहने वालों (भक्तों) की प्रार्थनाओं को औलिया (संत) तक पहुँचाती है। कुछ परंपराओं में ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती के ध्यान के दौरान पेड़ से पानी की मशक (गागर) लटकाने का उल्लेख मिलता है। जो उनकी (इबादत) तपस्या से जुड़ी एक ऐतिहासिक (रूहानी) प्रथा मानी जाती है। एक सच्चा चाहने वाला नसीर मंसूरी ने बताया कि हर साल की तरह इस बार भी चादर के साथ अजमेर शरीफ दरगाह के लिए रवाना होना एक धार्मिक यात्रा है। जो सूफी संत के प्रति गहरी आस्था का प्रदर्शन है। उन्होंने बताया कि चादर अजमेर शरीफ दरगाह में चढ़ाने के लिए दर्जनभर लोगों के साथ रवाना हुए। मंसूरी ने कहा कि चादर लेकर अजमेर शरीफ दरगाह पहुंचने के बाद 813वें उर्स पर ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह पर चादर चढ़ाई जाएगी। इस दौरान दरगाह इलाके में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जाते हैं। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री रहे स्वर्गीय राजीव गांधी से लेकर इंदिरा गांधी, अटल बिहारी वाजपेयी, नरसिंहा राव तमाम ऐसे प्रधानमंत्रियों के साथ वर्तमान प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी अजमेर शरीफ दरगाह में अब तक 10 बार चादर भिजवा चुके हैं। और यह 11वीं बार है। अजमेर दरगाह से पहले रिजिजू ने जयपुर में दिए एक बयान में कहा है कि अजमेर में उर्स के दौरान दरगाह पर पीएम मोदी की ओर से चादर चढ़ाने का मुझे मौका मिला है। ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह से आपसी भाई चारगी और सद्भाव, भाईचारे के संदेश देता है। नसीर मंसूरी ने बताया कि अजमेर शरीफ में ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती के 813वें उर्स के मौके पर चादर पेश करेंगे। देश में अमन चैन कायम रहे। एक दूसरे में आपसी मिल्लत कायम रहे। दुआ करेंगे। नसीर मंसूरी ने कहा कि चादर पोशी के बाद देश में भाईचारे और शांति कायम रहे। यहीं दुआ की जाएगी। उक्त मौके पर शकील मंसूरी उर्फ बाबू, आसिफ मंसूरी, आरिफ मंसूरी, शेरे आलम, मेहरून निशा, शौकत अली मंसूरी, फैजान अली मंसूरी, जहाना बेगम, गुलशन, सगीर मंसूरी, रेशमा बानो, कुमारी आरजू, तानिया मंसूरी, ताबिश मंसूरी, तबस्सुम नाज, नाजमुद्दीन उर्फ राजा, साहिल मंसूरी, इरशाद मंसूरी, इमरान मंसूरी, अब्दुल सलीम मंसूरी उर्फ पप्पू आदि मुस्लिम बंधु शामिल रहे। फोटो

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