दिव्य प्रकाश गुप्ता की रिपोर्ट वाराणसी, 27 जुलाई। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप), काशी हिन्दू विश्वविद्यालय इकाई द्वारा CUET-PG 2026 के दस्तावेज़ सत्यापन (Document Verification) प्रक्रिया के प्रथम दिवस पर विश्वविद्यालय परिसर में नवप्रवेशी विद्यार्थियों एवं उनके अभिभावकों की सुविधा के लिए लंका गेट सहित विभिन्न संकायों एवं संस्थानों में कुल 12 स्थानों पर हेल्प डेस्क स्थापित किए गए।
लंका गेट स्थित केंद्रीय हेल्प डेस्क का शुभारंभ अभाविप काशी प्रांत के प्रांत संगठन मंत्री श्री आकाश गौर जी द्वारा किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में परिषद के कार्यकर्ता उपस्थित रहे तथा नवप्रवेशी विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए उन्हें प्रवेश प्रक्रिया से संबंधित आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया।
हेल्प डेस्कों पर परिषद के कार्यकर्ताओं ने विद्यार्थियों को दस्तावेज़ सत्यापन, संकाय एवं संस्थानों की जानकारी, विभागों तक पहुँचने का मार्गदर्शन, छात्रावास, प्रवेश प्रक्रिया तथा विश्वविद्यालय से संबंधित अन्य आवश्यक जानकारियाँ उपलब्ध कराईं। दूर-दराज़ से आए विद्यार्थियों एवं उनके अभिभावकों ने अभाविप की इस सेवा पहल की सराहना करते हुए इसे अत्यंत उपयोगी बताया।
इस अवसर पर अभाविप काशी हिन्दू विश्वविद्यालय इकाई के अध्यक्ष पल्लव सुमन ने कहा कि, “अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद सदैव छात्र हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है। विश्वविद्यालय में प्रवेश लेने आने वाले प्रत्येक विद्यार्थी को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े, इसी उद्देश्य से 12 स्थानों पर हेल्प डेस्क स्थापित किए गए हैं। परिषद के कार्यकर्ता प्रवेश प्रक्रिया पूर्ण होने तक निरंतर विद्यार्थियों की सहायता के लिए उपलब्ध रहेंगे। हमारा प्रयास है कि प्रत्येक नवप्रवेशी छात्र-छात्रा का विश्वविद्यालय में स्वागत आत्मीयता के साथ हो तथा उन्हें आवश्यक मार्गदर्शन सहज रूप से प्राप्त हो।”
उन्होंने आगे कहा कि अभाविप केवल छात्र समस्याओं के समाधान के लिए संघर्ष करने वाला संगठन ही नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के जीवन के प्रत्येक महत्वपूर्ण चरण में सहयोगी की भूमिका निभाने वाला संगठन है। परिषद द्वारा प्रवेश प्रक्रिया की अवधि तक सभी हेल्प डेस्कों के माध्यम से निरंतर सहायता प्रदान की जाएगी।
इस अवसर पर अभाविप के अनेक कार्यकर्ता विभिन्न हेल्प डेस्कों पर उपस्थित रहकर विद्यार्थियों एवं अभिभावकों की सहायता में सक्रिय रूप से जुटे रहे।