वरिष्ठ पत्रकार राजेंद्र गुप्ता की रिपोर्ट
वाराणसी — वाराणसी नगर निगम ने वित्तीय प्रबंधन और राजस्व संग्रह के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की है और जनता पर बिना अतिरिक्त करभार डाले ही निगम की आय में कई गुना वृद्धि दर्ज की गई। उक्त बातें वाराणसी नगर निगम के महापौर अशोक कुमार तिवारी द्वारा अपने तीन वर्षों के कार्यकाल में नगर निगम किये गये विकास कार्यों की उपलब्धि पर मंगलवार को स्मार्ट सिटी सभागार में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान कही गयी। उन्होंने बताया कि तीन वर्षों में जनता पर बिना अतिरिक्त करभार के 168.38 प्रतिशत की वृद्धि की गई जो पिछले सत्र की अपेक्षा बढ़कर 415.45 करोड रुपए हुई। बिना अतिरिक्त कर बढ़ाएं राजस्व में लगभग चार गुना वृद्धि दर्ज की गई। वर्ष 2025- 26 में पहली बार 76 करोड रुपए का जलकर सरचार्ज आम जनता का माफ किया गया। सामाजिक सरोकारों के क्षेत्र में वरिष्ठ नागरिकों के लिए 2.07 करोड रुपए की लागत से सीनियर केयर सेंटर का निर्माण किया गया। शहीद उद्यान में डेढ़ करोड़ रुपए की लागत से डिजिटल लाइब्रेरी का निर्माण भी किया गया। वहीं पिसौर में 470.64 लाख रुपए की लागत से कल्याण मंडप का निर्माण भी किया गया। माझी समाज के उद्योग को बढ़ावा देने के लिए 19 तालाब मछली पालन हेतु उपलब्ध कराये गये। उद्योग उन्नयन के क्षेत्र में माल गोदाम क्षेत्र में 145.36 करोड रुपए लागत से नमो बनारस केंद्र का निर्माण किया जा रहा है। जिसमें सभी व्यवसाईयों की सहूलियत के लिए नमो बनारस केन्द्र में 350 दुकानों का निर्माण किया जा रहा है।यही नहीं उद्योग को बढ़ावा देने हेतु बेनियाबाग मार्केट में 138 दुकानों का निर्माण, भोजूबीर में कांजी हाउस के स्थान पर काम्प्लेक्स का निर्माण, सिगरा रुद्राक्ष मार्केट परियोजना तथा जेपी मेहता क्षेत्र में कमर्शियल कंपलेक्स भी प्रस्तावित किया गया है। उन्होंने बताया कि वाराणसी नगर निगम द्वारा सड़क जल निकासी, प्रकाश व्यवस्था और शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में बड़े स्तर पर विकास कार्य कराया जा रहा है। शहर के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में करोड़ों रुपए की लागत से परियोजनाएं संचालित की गई। 22 वार्डों में 2161.75 करोड रुपए की लागत से सड़क, सीवर एवं पेयजल का कार्य शुरू किया गया है। उन्होंने बताया कि पद्म पुरस्कार प्राप्त विभूतियों के आवासों के आसपास की सड़कों एवं गलियों के सौंदर्यीकरण का कार्य भी कराया जा रहा है। भेलूपुर क्षेत्र में 104 करोड़ की लागत से लगभग 25 एकड़ भूमि में “काशी इंटरप्रिटेशन सेंटर” पार्क विकसित करने की योजना पर भी कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि नगर निगम का उद्देश्य केवल आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना नहीं बल्कि वाराणसी को स्वच्छ, आधुनिक, सांस्कृतिक और आत्मनिर्भर शहर के रूप में विकसित करना है। नागरिकों की सहभागिता और आधुनिक तकनीक के माध्यम से वाराणसी को देश में अग्रणी नगरों में स्थापित करने की दिशा में भी निरंतर कार्य किया जा रहा है। स्वच्छता, आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर, आर्थिक मजबूती और जनसहभागिता के साथ वाराणसी नगर निगम नई काशी के निर्माण की दिशा में निरंतर आगे बढ़ता जा रहा है। पत्रकार वार्ता के दौरान महापौर अशोक कुमार तिवारी के साथ-साथ नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल भी उपस्थित रहे।