इसके अलावा जर्मनी में 30% बढ़ा है बांग्लादेश में 25% बढ़ा है लेकिन दुनिया के किसी भी देश का विपक्ष लहंगा और घाघरा उठाकर हिजड़ों की तरह डांस नहीं कर रह
क्योंकि हर देश का विपक्ष एक समझदार होता है जो परिस्थितियों को समझता है यह स्थिति जो उत्पन्न हुई है इसमें ना भारत का दोष है ना जर्मनी का दोष है ना किसी का दोष है दोष है तो अमेरिका ईरान इजराइल का आपस का झगड़ा है और जब यह लड़ाई खत्म होगी तो सब कुछ नॉर्मल हो जाएगा
लेकिन इधर भारत में विपक्षी लोग लहंगा और घाघरा उठाकर नाच रहे हैं ताली बजा रहे हैं गजब के दोगले लोग हैं भाई
कांग्रेस सत्ता में थी ₹40 पेट्रोल को बढ़ा बढ़ाकर ₹85 लीटर तक कर दिया गया था
₹300 के सिलेंडर को ₹900 का कर दिया गया था
और प्रधानमंत्री देश को संबोधित करते हुए कहता था कि पैसे पेड़ पर नहीं उगते
और जब रेणुका चौधरी जो केंद्रीय मंत्री थी उनसे इस बारे में सवाल किया गया था तब वह बेशर्मी से कह रही थी कि महंगाई कहां है आप लोग क्या ₹900 का सिलेंडर का नहीं दे सकते