सलीम मंसूरी की रिपोर्ट
जमानियां। दोबारा शुक्रवार को आखिरी अलविदा (जुमा) पढ़ा गया। इस दौरान शाही जामा मस्जिद के इमाम हाफिज तौहीद रजा ने अलविदा जुमा पढ़ाया। उन्होंने बताया कि माह ए रमजान का महीना अब अंतिम चरण में है। लेकिन चांद के दीदार न होने पर शनिवार को ईद-उल-फ़ित्र का त्योहार मनाई जाएगी। ईद के इंतजार ने छोटे बड़े सभी मुस्लिम लोगों में खुशी का माहौल देखने को मिला। कस्बा बाजार सहित पालिका मोड़ एवं पुरानी सट्टी महाल स्थित दुकानों पर ईद की खरीदारी करती महिलाएं।सभीमस्जिदों से माह ए रमजान अब अलविदा खत्म हो चुकी है। लेकिन शुक्रवार को आखिरी अलविदा (जुमा) पढ़ी गई। अब शनिवार को ईद-उल-फ़ित्र हर्षौल्लास के साथ मनाई जाएगी। शाही जामा मस्जिद के सेकेट्री तनवीर रजा ने बताया कि ईद के इंतजार ने मुस्लिम लोगों में खुशी की लहर दौड़ा दी है। बाजार में रौनक है। इस दौरान सैफ खान, मोहम्मद साजिद, अफरोज, शाबीर , सौदागर, फरहान, फैजान आदि मुस्लिम नवजवानों ने पुरानी सट्टी महाल झालर बत्तियों से सजावट करने में व्यस्त दिखे। वहीं कस्बा बाजार के सभी उलमाओ ने अमन का पैगाम दे रहे हैं। वहीं एसडीएम सुश्री ज्योति चौरसिया, क्षेत्राधिकारी अनिल कुमार, कोतवाली प्रभारी निरीक्षक रामसजन नागर मय पुलिस संग सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद लेकर वाहनों के माध्यम भ्रमण किया। है। जबकि रोजा इफ्तार के बाद रोजेदारों ने बाजार में खरीदारी की। जिसके चलते दुकानें गुलजार रहीं। कपड़ों, मिठाइयों, मेवों और अन्य आवश्यक वस्तुओं की दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ रही। वहीं शाही जामा मस्जिद के पेश इमाम हाफिज तौहीद रजा एवं सेकेट्री मौलाना तनवीर रजा ने बताया कि माह ए रमजान अपने अब आखिरी दौर में है। इसमें ज्यादा से ज्यादा इबादत करें। शाम को चांद दिखने या कहीं से तस्दीक नहीं हुई। इसलिए किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें। उन्होंने बताया कि सऊदी में बुधवार शाम चांद नहीं दिखाई दिया। अब वहां शुक्रवार को ईद होगी। आम तौर पर माना जाता है। कि सऊदी सहित खाड़ी देशों के अगले दिन भारत सहित आसपास के मुल्कों में चांद दिखाई देता है। ऐसे में अब यहां शनिवार को ही ईद मनाई जाएगी।