वाराणसी- उत्तर प्रदेश के कोटेदार शासन के मंसानुसार राशन वितरण करते हैं साथ ही कोरोना काल में भी उत्तर प्रदेश के कोटेदारों द्वारा प्रधानमंत्री अन्न योजना व राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत निःशुल्क वितरण किया गया। कोटेदार अपने व अपने परिवार के जीवन की परवाह न करते हुये सरकार के दिशा-निर्देशों में ई-पास मशीन से ईमानदारी के साथ वितरण किया, जिसकी सराहना पूरे भारत में की गयी और उत्तर प्रदेश सरकार को भारत सरकार ने प्रशस्ति पत्र भी दिया। उ०प्र० के कोटेदार सरकार के निर्देशानुसार वितरण करते हैं व अन्य आदेशों जैसे आयुष्मान कार्ड, किसान फार्मर रजिस्ट्री, एस०आई०आर० बोटर लिस्ट संशोधन आदि में सहयोग करते हैं।परन्तु उत्तर प्रदेश के कोटेदारों का लाभांश १०/- रुपये कुन्तल ही मिलता है जबकि अन्य प्रदेशों में जैसे-हरियाणा रु0 200/- प्रति कुसल, गोवा रू0 220/-केरल रु० 200/-, दिल्ली रु0 200/-, गुजरात रु० 20000/- मिनिमम इनकम गारंटी दिया जा रहा है।अतः आपसे अनुरोध है कि अ५० कोटेदारों को भी अन्य प्रदेशों की भांति लाभांश व मिनिमम इन्कम गारन्टी देने की कृपा करें, जिससे इस महंगाई को देखते हुये कोटेदार परिवारों का भरण-पोषण सुचारू रूप से हो सके। अन्यथा की स्थिति में 28 जनवरी 2026 से अनिश्चित कालीन धरना प्रदर्शन व विधानसभा घेराव करने के लिए बाध्य होंगे, जिसकी सारी जिम्मेदारी शासन/प्रशासन व प्र० सरकार की होगी। अमलेश पटेल की रिपोर्ट वाराणसी