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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी का महत्वपूर्ण निर्णय और विजन

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दिव्य प्रकाश गुप्ता की रिपोर्ट 

*योगी सरकार का ‘मास्टरस्ट्रोक’: माफियाओं से मुक्त जमीनों पर बसेंगे गरीबों के आशियाने; पत्रकारों, डॉक्टरों और वकीलों के लिए भी बनेगा विशेष आवास प्लान!*

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजनीति और विकास के परिदृश्य में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक बड़ा और कड़ा संदेश दिया है। सोमवार को प्रधानमंत्री आवास योजना – शहरी 2.0 के अंतर्गत प्रदेश के 90,000 लाभार्थियों को पहली किस्त के रूप में 900 करोड़ रुपये जारी करते हुए मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि अब प्रदेश की जनता के शोषण का हिसाब ‘ब्याज सहित’ चुकता किया जाएगा।

सरकार का यह नया विजन न केवल गरीबों को छत देगा, बल्कि समाज के बौद्धिक वर्ग—पत्रकारों, अधिवक्ताओं, शिक्षकों और डॉक्टरों—के लिए भी आवासीय समाधान के नए द्वार खोलेगा।

प्रमुख घोषणाएं: माफिया का अंत, गरीबों का उदय

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति को दोहराते हुए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं:

जब्त संपत्तियों का उपयोग: माफियाओं के कब्जे से मुक्त कराई गई जमीनों पर अब हाईराइज (बहुमंजिला) आवास बनाए जाएंगे।

समाज के हर वर्ग का ध्यान: केवल आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग ही नहीं, बल्कि मध्यम वर्ग के कामकाजी पेशेवर जैसे पत्रकार, डॉक्टर, शिक्षक और अधिवक्ता भी अब सरकारी आवासीय योजनाओं के दायरे में आएंगे।

बिना भेदभाव विकास: ’25 करोड़ प्रदेशवासी ही परिवार’ के संकल्प के साथ, बिना किसी तुष्टीकरण या भेदभाव के योजनाओं का लाभ हर पात्र व्यक्ति तक पहुँचाया जा रहा है।

यूपी की बदली छवि: ‘बीमारू’ से ‘ग्रोथ इंजन’ तक

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 2017 से पहले की सरकारों में इच्छाशक्ति की कमी थी, जिसके कारण योजनाएं केवल रसूखदारों तक सीमित रह जाती थीं। आज उत्तर प्रदेश देश का ‘ग्रोथ इंजन’ बन चुका है। इसके प्रमाण के रूप में अब तक प्रदेश के 62 लाख परिवारों को पक्का आवास उपलब्ध कराया जा चुका है।

आंकड़ों में प्रगति: 90,000 लाभार्थियों को मिली पहली किस्त

डीबीटी (DBT) के माध्यम से सीधे खातों में पैसा भेजकर तकनीक के पारदर्शी उपयोग का उदाहरण पेश किया गया।

केवल मकान नहीं, सम्मानजनक जीवन-

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि लाभार्थियों को केवल चार दीवारें ही नहीं, बल्कि एक संपूर्ण जीवन परिवेश दिया जाए:                                            बुनियादी सुविधाएं: हर घर के साथ शौचालय, बिजली कनेक्शन और ‘नल से जल’ अनिवार्य रूप से सुनिश्चित हो

त्वरित सहायता: 75% निर्माण कार्य पूरा होते ही दूसरी किस्त (1 लाख रुपये) तत्काल जारी की जाए।

सस्ती सामग्री: जिलों में नोडल अधिकारी तैनात कर गुणवत्तापूर्ण और सस्ती निर्माण सामग्री उपलब्ध कराई जाए

मुख्यमंत्री के इस ‘ताबड़तोड़’ और जनहितैषी फैसलों का भारतीय मीडिया फाउंडेशन नेशनल कोर कमेटी ने जोरदार स्वागत किया है। यूनियन के केंद्रीय सलाहकार परिषद के केंद्रीय अध्यक्ष कृष्ण माधव मिश्रा, प्रदेश अध्यक्ष राजेश शर्मा, राष्ट्रीय सलाहकार जी आर भारद्वाज,प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया सेल के राष्ट्रीय चेयरमैन निशाकांत शर्मा, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सचिन गुप्ता, और उत्तर प्रदेश सह प्रभारी एवं राष्ट्रीय सचिव अभिषेक शास्त्री, डिजिटल मीडिया सेल के राष्ट्रीय सचिव राजकुमार शंभू विश्वकर्मा,एटा जिला अध्यक्ष अनिल कुमार सिंह सोलंकी, सहित कई वरिष्ठ पदाधिकारियों ने इस निर्णय की सराहना करते हुए इसे उत्तर प्रदेश के विकास में मील का पत्थर बताया है।

मुख्यमंत्री का संदेश: “जिन्होंने वर्षों तक जनता का शोषण किया, अब उस शोषण की भरपाई का समय है। माफियाओं की अवैध संपत्तियों पर अब गरीबों का हक होगा और वहां उनके सपनों के घर बनेंगे।”

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