वरिष्ठ पत्रकार राजेंद्र गुप्ता की रिपोर्ट
वाराणसी –उत्तर प्रदेश एसोसिएशन आफ जर्नलिस्ट (उपज) वाराणसी इकाई द्वारा शनिवार को हिंदी पत्रकारिता दिवस पर पत्रकारिता शिखर सम्मान एवं संगोष्ठी का भव्य आयोजन शिवपुर स्थित होटल रविंदराया में किया गया। इस मौके पर मुख्य अतिथि के रूप में उत्तर प्रदेश सरकार के राज्य मंत्री हंसराज विश्वकर्मा और विशिष्ट अतिथि के रूप में कांची कामकोटि पीठ के प्रतिनिधि बीएस सुब्रमण्यम तथा पूर्व एमएलसी चेतनारायण सिंह उपस्थित रहे। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता के रूप में बीएचयू के पत्रकारिता विभाग के आचार्य डॉक्टर बाला लखेन्द्र उपस्थित रहे। कार्यक्रम में उपज के जिलाध्यक्ष विनोद बागी ने मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथि का माल्यार्पण, अंगवस्त्रम व स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। इस मौके पर मुख्य अतिथि हंसराज विश्वकर्मा ने कहा कि वाराणसी में पत्रकार भवन का निर्माण शीघ्र ही किया जाएगा। पत्रकारों की जो भी समस्याएं हैं, उसको प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री तक पहुंचा कर उसे पूरा कराने का प्रयत्न भी किया जाएगा। उन्होंने उपज के महामंत्री से कहा कि वह एक प्रतिवेदन तैयार कर उन्हें दे जिसे वह प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री तक प्रेषित कर उसे क्रियान्वित कराने का प्रयास किया जायेगा। विशिष्ट तिथि सुब्रमण्यम मणि ने कहा कि जिस प्रकार भगवान भास्कर के दर्शन कर हम दिन की शुरुआत करते हैं,ठीक उसी प्रकार सुबह समाचार पत्रों के माध्यम से हम देश विदेश की गतिविधियों से अवगत होते हैं। इसमें पत्रकारों की भूमिका अहम हो जाती है। मुख्य वक्ता के रूप में आचार्य बाला लखेन्द्र ने कहा कि हिंदी पत्रकारिता के लिए अंग्रेजियत छोड़नी होगी। आज पूरे देश में हिंदी पत्रकारिता अपना एक महत्वपूर्ण साख रखती है। पूर्व विधानसभा सदस्य चेतनारायण सिंह ने कहा कि पत्रकारिता आज जोखिम का कार्य हो गई है फिर भी दुर्भाग्य है कि पत्रकारों की सुरक्षा की कोई व्यवस्था आज भी नहीं की गई। सभी को चिकित्सा सुविधा सरकार प्रदान कर रही है, लेकिन आज पत्रकारों को कोई चिकित्सकीय सुविधा ना देना दुर्भाग्यपूर्ण है।सरकार को इसपर विशेष ध्यान देना चाहिए। प्रसिद्ध तबला वादक पंडित अशोक पांडे के तबला वादन एवं वायलिन पर संगति पंडित सुखदेव मिश्र जी ने की। उन्होंने लोगों को अपने वादनकला से मंत्रमुग्ध कर दिया।इस समारोह में अनिल कुमार जायसवाल, प्रदीप उपाध्याय, डॉ अरविंद सिंह, मोनेश श्रीवास्तव, संतोष कुमार सिंह, महावीर श्रीवास्तव, प्रज्ञा मिश्रा, अरविंद कुमार श्रीवास्तव आदि ने अपनी सक्रिय भागीदारी निभाई।