वरिष्ठ पत्रकार राजेंद्र गुप्ता की रिपोर्ट
वाराणसी –जनपद वाराणसी के 302 मुसहर परिवारों को आजीविका से जोड़ने हेतु उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन वाराणसी द्वारा एनसीएल के सीएस आर मद से स्थाई आजीविका प्रदान करने हेतु प्रयास किया जा रहा है। इस प्रोजेक्ट के अंतर्गत मुसहर परिवारों को बकरी पालन, दोना पत्तल, अगरबत्ती बनाने एवं चप्पल निर्माण के कार्यों से जोड़ा जा रहा है। यह मुहिम अब धरातल पर दिखने लगी है। प्रथम चरण में सभी चिन्हित परिवारों को समूह से जोड़ते हुए इन्हें विभिन्न आजीविका परक प्रशिक्षण दिया जा रहा है। साथ ही इन्हें मशीने, सामग्री उपलब्ध कराते हुए उनके मशीनों को विद्युत के साथ सोलर से जोड़ते हुए कार्य किया जा रहा है। विकासखण्ड बड़ागांव के महिमापुर एवं कुड़ी के मुसहर परिवारों को 100 बकरियां इस प्रोजेक्ट के अन्तर्गत उपलब्ध करा दी गई है। मशीनों एवं निर्माण कार्य के लिए ग्राम पंचायत को फण्ड उपलब्ध कराते हुए शेड निर्माण भी कराया जा रहा है। आने वाले समय में यह मुहिम मुसहर परिवारों के लिए बरदान साबित होगी। उन्हें अब पलायन करने एवं रोजगार हेतु भटकना नहीं पड़ेगा। साथ ही समूह के माध्यम से मुसहर परिवारों को स्वास्थ्य, शिक्षा, पोषण, बचत, बीमा आदि की जानकारी भी समय-समय पर मिलती रहेगी। इसी क्रम में 11 मार्च 2026 को उपायुक्त स्वत: रोजगार पवन कुमार सिंह द्वारा इस प्रोजेक्ट से जुड़े ग्राम पंचायत के प्रधानों, सचिवों, आजीविका मिशन के प्रबंधकों एवं खंड विकास अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर उन्हें महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए। सोलर एवं विद्युत कार्य को समय से पूर्ण करने एवं शेड का रंगाई पुताई कराने, वायरिंग कराने आदि के निर्देश दिए गए। प्रोजेक्ट के अंतर्गत उत्पादित उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने हेतु भी रणनीति तैयार की गई है। इन्हें प्रेरणा मार्ट, आजीविका संवर्धन केन्द्रों, स्थानीय बाजार आदि जगहों पर विक्रय किया जाएगा।