राजेश दुबे की रिपोर्ट वाराणसीपूर्वाञ्चल की पहली हाई प्रेशर शुद्ध ऑक्सीजन आधारित उपचार तकनीक हाईपरबेरिक ऑक्सीजन थेरेपी (HBOT), न्यूरो, पेल्विक, यूरो, मूत्राशय, जननांगों आधारित समस्याओं के लिए पेल्विक फ्लोर थेरेपी, पीडियाट्रिक, सेरेब्रल पल्सी, शरीर का संतुलन, बच्चों की मोटर स्किल्स, स्पाइन, जोड़ों, लेजर थेरेपी आदि को और अधिक सुदृढ़ करने के लिए अत्याधुनिक फिजिकल रिहैबलिटेशन, कैंसर रिहैब और ऑक्युपेशनल थेरेपी सुविधाओं का विस्तारीकरण करते हुए ऑस्ट्रिया के शिशु अस्थि रोग सर्जन डॉ ऑरथनर एवं उनकी सहयोगी वेरोनिका, जर्मनी के डॉ थॉर्स्टन एवं उनकी सहयोगी क्लॉडिया द्वारा दर्द से राहत और जीवन में फिर से गति, छोटी-छोटी गतिविधियों में बड़ी आज़ादी दिलाने के उद्देश्य से अंतर्राष्ट्रीय स्टैन्डर्ड एडवांस्ड रिहैबिलटेशन सेंटर का उद्घाटन किया। संरक्षक एपेक्स के चेयरमैन वरिष्ठ ऑर्थोपेडिक सर्जन प्रो डॉ एसके सिंह, निदेशक डॉ स्वरूप पटेल एवं निदेशिका डॉ अंकिता पटेल की गरिमामायी उपस्थिति में ऑक्युपेशनल थेरेपिस्ट डॉ सौम्याश्री, ऑनको रिहैब विशेषज्ञ डॉ दिब्येन्दु रॉय, फिजिकल-थेरेपिस्ट, एपेक्स द्वारा संचालित चिकित्सीय शिक्षण संस्थानों के नर्सिंग कॉलेज प्रिन्सिपल प्रो आर जहॉनसी रानी, फिजियोथेरेपी कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ पुनीत जायसवाल, फैकल्टी एवं रिहैब टीम उपस्थित रही।