सलीम मंसूरी की रिपोर्ट
वाराणसी। किसानों की आय बढ़ाने और कृषक उत्पादक संगठनों (एफपीओ) को आत्मनिर्भर एवं मजबूत बनाने के उद्देश्य से वाराणसी के टिकरी स्थित कृषक उत्पादक संगठन में एक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए प्रमुख एफपीओ प्रतिनिधियों को काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के कृषि वैज्ञानिकों द्वारा प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
कृषक उत्पादक संगठन के अध्यक्ष अनिल सिंह ने बताया कि यह प्रदेश के प्रमुख और अग्रणी एफपीओ में से एक है, जिसकी स्थापना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की किसानों को संगठित और सशक्त बनाने की परिकल्पना के तहत की गई थी। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के प्रत्येक जिले से दो-दो प्रमुख एफपीओ के प्रतिनिधि इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल हुए हैं। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य एफपीओ को बेहतर प्रबंधन, वित्तीय अनुशासन और सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रशिक्षित करना है।


अनिल सिंह ने कहा कि वर्तमान समय में कई एफपीओ संसाधनों और जानकारी के अभाव में अपेक्षित गति से आगे नहीं बढ़ पा रहे हैं। ऐसे में उन्हें अकाउंटेंसी, वित्तीय प्रबंधन और परियोजना निर्माण की जानकारी देना बेहद आवश्यक है। प्रशिक्षण के दौरान विशेषज्ञों ने बताया कि भारत सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार किसानों एवं एफपीओ के लिए विभिन्न योजनाओं के माध्यम से आर्थिक सहायता उपलब्ध करा रही हैं। इनमें नंदिनी योजना, फल एवं सब्जी उत्पादन, कोल्ड स्टोरेज निर्माण तथा कृषि उत्पादों के संरक्षण एवं रखरखाव से संबंधित कई योजनाएं शामिल हैं।
उन्होंने बताया कि सरकार एफपीओ के कर्मचारियों, अकाउंटेंट, सलाहकार और सीबीबीओ (Cluster Based Business Organization) के मानदेय का भुगतान भी तीन वर्षों तक कर रही है। इसलिए एफपीओ पदाधिकारियों को चाहिए कि वे योजनाओं का सही ढंग से उपयोग करें और किसानों के हित में कार्य करें।
कार्यक्रम में कृषि क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों और विभिन्न एफपीओ प्रतिनिधियों को भविष्य की रणनीतियों एवं अवसरों के बारे में भी जानकारी दी गई। इस दौरान युवाओं और तकनीकी विशेषज्ञों की भागीदारी पर भी जोर दिया गया, ताकि आधुनिक कृषि तकनीकों का लाभ किसानों तक पहुंच सके।
अनिल सिंह ने कहा कि यदि प्रत्येक एफपीओ कम से कम 500 किसान परिवारों को जोड़कर समूह के रूप में कार्य करे और “एक जनपद-एक उत्पाद” योजना के तहत स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा दे, तो किसानों की आर्थिक स्थिति में बड़ा बदलाव आ सकता है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सोच का उल्लेख करते हुए कहा कि संगठित प्रयासों से न केवल किसान आगे बढ़ेंगे, बल्कि एफपीओ भी आत्मनिर्भर और सफल बनेंगे।
कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों को बेहतर कार्य करने, किसानों के हित में योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन करने तथा कृषि क्षेत्र के उज्ज्वल भविष्य के लिए मिलकर कार्य करने का संदेश दिया गया।













