कछवा रोड सब्जी मंडी बना अतिक्रमण और अवैध पार्किंग का अड्डा, मिर्जामुराद पुलिस मूकदर्शक; एंबुलेंस-स्कूली बच्चे रोज भुगत रहे सजा

वरुन कुमार पांडे की रिपोर्ट

वाराणसी। मिर्जामुराद थाना क्षेत्र का कछवा रोड सब्जी मंडी इलाका इन दिनों अव्यवस्था, अतिक्रमण और अवैध पार्किंग का जीता-जागता उदाहरण बन चुका है। हालत यह है कि सर्विस लेन पूरी तरह ठेलों, अवैध कब्जों और बेतरतीब खड़े वाहनों की गिरफ्त में है, जबकि नेशनल हाईवे पर भारी वाहन दो-दो लाइन में खड़े होकर यातायात व्यवस्था को खुली चुनौती दे रहे हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर यह सब पुलिस की आंखों के सामने कैसे चल रहा है?

पुलिस उपायुक्त की ओर से दावा किया गया था कि कछवा रोड मंडी क्षेत्र में यातायात व्यवस्था संभालने के लिए तीन शिफ्टों में पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि सड़क पर व्यवस्था नहीं, बल्कि अराजकता दिखाई देती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि वास्तव में ड्यूटी लगती है तो फिर अतिक्रमणकारियों और अवैध पार्किंग करने वालों पर कार्रवाई क्यों नहीं होती? या फिर यह मान लिया जाए कि स्थानीय पुलिस ने आंखें मूंद रखी हैं।

मिर्जामुराद थाना अध्यक्ष गोपाल जी कुशवाहा और कछवा रोड चौकी प्रभारी संदीप कुमार सिंह की कार्यशैली अब सवालों के घेरे में है। क्षेत्रीय लोगों का आरोप है कि पुलिस की निष्क्रियता के कारण हाईवे और सर्विस रोड दोनों पर दबंगई और मनमानी चरम पर है। सड़कें जाम रहती हैं, एंबुलेंस फंस जाती हैं, मरीज तड़पते रहते हैं और स्कूल जाने वाले छात्र-छात्राएं रोज जान जोखिम में डालकर निकलने को मजबूर हैं।

विडंबना यह है कि जिस रास्ते से दर्जनों अस्पतालों और कई विद्यालयों तक पहुंचा जाता है, वही रास्ता अब अवैध पार्किंग और अतिक्रमणकारियों के कब्जे में है। लेकिन जिम्मेदार अधिकारी शायद किसी बड़ी दुर्घटना का इंतजार कर रहे हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जब तक बड़े अधिकारी खुद मौके पर पहुंचकर कार्रवाई नहीं करेंगे, तब तक कछवा रोड की यातायात व्यवस्था भगवान भरोसे ही चलती रहेगी।

क्षेत्रवासियों ने पुलिस कमिश्नर और ग्रामीण जोन के उच्च अधिकारियों से मांग की है कि कछवा रोड क्षेत्र का औचक निरीक्षण कर स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली की जांच कराई जाए और अवैध अतिक्रमण तथा पार्किंग माफियाओं पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

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