दिव्य प्रकाश गुप्ता की रिपोर्ट
वाराणसी –ग्रामीण महिलाओं को मुख्यमंत्री ग्राम स्वरोजगार खाद्य प्रसंस्करण योजना से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने हेतु शुक्रवार को काशी विद्यापीठ ब्लाक के नरउर मिसिरपुर में खाद्य प्रसंस्करण शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर का उद्घाटन मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित ग्राम समाज नरउर मिसिरपुर के ग्राम प्रधान गामा प्रसाद सिंह ने प्रवेश द्वार का फीता काटकर किया।इस मौके पर ग्राम प्रधान गामा प्रसाद सिंह ने कहा कि इस खाद्य प्रसंस्करण शिविर में ग्रामीण महिलायें प्रशिक्षण प्राप्त कर अपना उद्योग स्थापित कर आत्मनिर्भर बनकर अपना परिवार, समाज व राज्य का विकास कर सकती हैं। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री स्वरोजगार सलाहकार बृजेश प्रजापति ने उद्यमियों को को कितना अनुदान, कैसे मिलेगा,कहां फार्म जमा करना होगा आदि की विस्तृत जानकारी दी।बिषय विशेषज्ञ पू्र्व प्रभारी राजकीय फल संरक्षण केन्द्र बीएचयू रत्नेश चन्द्र अग्रवाल ने बैकरी, तेल, आटा, अचार, पापड़, मिठाई उद्योग आदि स्थापित करने की विस्तार से जानकारी दी तथा विभाग द्वारा मिलने वाले अनुदान की जानकारी भी दी।इस शिविर में सुपरवाइजर अरुण सिंह ने ग्रामीण महिलाओं को सेब का जैम बनाने का तरीका प्रैक्टिकल कर बताया तथा फल सब्जी के उत्पादन एवं उसे नष्ट होने से बचाने की खाद्य प्रसंस्करण की उपयोगिता के बारे में बताया। यह प्रशिक्षण दो सत्रों में आयोजित किया गया। इस प्रशिक्षण शिविर में कुल 30 प्रशिक्षुओं ने हिस्सा लिया। जिन्हे उद्योग संबंधी स्टेशनरी, फोल्डर, साहित्य पैड आदि दी गई। इस कार्यक्रम का सफल संचालन सुपरवाइजर मीरा जायसवाल ने किया