क्या आपने कभी बुर्के वाली मतलब मुस्लिम महिला का डिलेवरी के वक्त जरूरत पड़ने पर किया जाने वाला सिजेरियन ऑपरेशन होते सुना है. क्या कोई बता सकता है, की लगभग लगभग 95% हिंदु महिलाओं का सिजेरियन ऑपरेशन ही क्यों होता है,..?? और ठीक इसके बिपरीत 99% बुर्के वाली मतलब मुस्लिम महिलाओं की नार्मल डिलेवरी ही क्यों होती है,..?? ऐसा इसलिए है ताकि हिंदु महिलाओं के दिलोदिमाग में बच्चे पैदा करने के प्रति एक डर कायम हो जाए,,,,,, और अगर हिन्दू महिलाओं के दिल मे बच्चा पैदा करने के प्रति डर कायम हो जाता है, तो एक बात तो पक्की है की वो बच्चा पैदा करने से डरेंगी,,,,, और जब हिन्दू धर्म की महिलाएं बच्चा पैदा करने से डरेंगी तो हिन्दू की आबादी घटने के सिवा बढ़ने का कोई चांस नही रहेगा..?? एक बात और हिंदु महिलाओं मे प्रग्नेंसी से लेकर डिलेवरी तक पहले महीने से लेकर आखिरी समय तक इलाज चालू रहता है…?? जिससे उनके सामने आर्थिक समस्याएं भी आती है…?? वहीं दूसरी तरफ बुर्के वाली महिलाएं हर साल एक बच्चा पैदा करेंगी,,, और सबसे खास बात इनकी जिस दिन डिलीवरी होनी रहती है, उस दिन सुबह अस्पताल जाती है और शाम को बच्चा लेकर वापस घर आ जाती है..?? खर्च के नाम पर एक फूटी कौड़ी भी नही लगती…?? और इधर हिंदुओं में पहले महीने से लेकर आखिरी महीने तक पैसों का खर्च और अंत में डिलीवरी के वक्त भी ऑपरेशन का खर्च..?? और डिलेवरी के वक्त होने वाले ऑपरेशन के कारण हिंदु महिलाएं अपने शरीर से काफी कमजोर हो जाती है,,,,, जिसे recover होने मे भी पैसों का खर्च और कई महीनों का टाइम लग जाता है….?? इसी कारण हिंदु महिलाएं अपने पूरे जीवन काल मे एक या फिर दो ही बच्चे को जन्म दे पाती हैं,,, और वहीं मुस्लिम महिला 10-12 बच्चों को जन्म देने के बावजूद मजबूत बनी रहती हैं…?? आखिर ऐसा कौन सा कारण है कि लगभग लगभग हर हिंदु महिला की डिलीवरी सिजेरियन ऑपरेशन से और ज्यादा खर्चे मे हो रही है, जबकी दूसरी तरफ बुर्के वाली महिलाओं की डिलीवरी नॉर्मल और कम खर्चों मे रही है…
हिंदु महिलाएं आर्थिक और शारीरिक रूप से डिलीवरी में कमजोर क्यों हो रही हैं…??
इस विषय पर जरूर विचार होना चाहिए..