वशिष्ठ गोंड की रिपोर्ट गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के कार्यकर्ताओं ने अजय गोंड उपनिरीक्षक परशुरामपुर बस्ती के हत्या पर शोक* व्यक् करते हुए कहां की प्रशासनिक अधिकारी प्रशासन में रहते हुवे भी उनकी सुरक्षा नहीं मिल पा रही है ,कब तक इस तरह का खेल चलता रहेगा, आज प्रशासनिक अधिकारी भी मारे जा रहे है, शासन मौन है, कही न कही यूजीसी जैसे मामलों ,जातिगत शोषण का शिकार, अन्य प्रशासनिक अमला भी झेल रहा है, सब इंस्पेक्टर की हत्या करके सरयू नदी में फेंका जा रहा है , यदि प्रशासन समय से पहले सतर्क होती तो ऐसी नौबत नहीं होती, और तीसरे दिन मृत्य बाडी पुलिस बरामद करती है, गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के कार्यकर्ताओं ने कहा कि अब संगठन बर्दाश्त नहीं करेंगी,अब हम लोग रोड पर उतरेंगे ,आज दलित , पिछड़ा,आदिवासी, समाज के प्रशासनिक अधिकारी के साथ न्याय नहीं मिल पा रहा है, न ही कोई कार्यवाही हो रही है ,नहीं अपराधियों की गिरफ्तारी हो रही आपको बता दें कि – बस्ती थाना क्षेत्र के गोंडवाना गणतंत्र पार्टी आदिवासी. समाज के कार्यकर्ताओं ने माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी से मांग करती है,कि परशुरामपुर थाने में उप निरीक्षक के पद पर तैनात अजय कुमार गोंड बस्ती थाना परशुरामपुर से लापता हुए सब इंस्पेक्टर अजय कुमार गोंड का शव सरयू नदी में तिहुरा माझा अयोध्या कोतवाली पुलिस ने बरामद किया, शव की शिनाख्त करते हुए जानकारी मिली कि देवरिया के रहने वाले मूल निवासी सब इंस्पेक्टर अजय गोंड के नाम से पुलिस ने जांच शुरू की लेकिन पुलिस प्रशासन पर बड़ी सवाल उठ रही है, माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के एलनिया शून्य टॉलरेंस नीति आदेश के बावजूद भी आला माननीय मुख्यमंत्री के आदेश के बाद भी नहीं रुक रहा है अपराध बार-बार प्रशासनिक अधिकारी मारे जा रहे है, जब अधिकारी सुरक्षित नहीं है तो जनता किस तरह उत्तर प्रदेश में सुरक्षित रहेगी,
गोंडवाना गणतंत्र पार्टी इस घटना का घोर निंदा करती है, और सरकार से मांग करती है कि इस घटना की उच्च स्तरीय जांच हो, दोषियों को सजा, परिवार को नौकरी एवं आर्थिक सहयोग मिले,