ब्यूरो चीफ धर्मेंद्र सिंह की रिपोर्ट
चंदौली। जनपद के रिंग रोड पर गुरुवार की देर रात मिर्जापुर के व्यापारियों के साथ हुई लूट की वारदात ने पुलिसिया चौकसी और कार्यप्रणाली की पोल खोल दी है। आलम यह रहा कि घटना के बाद करीब 20 घंटों तक मुगलसराय और अलीनगर पुलिस ‘सीमा विवाद’ के फेर में उलझी रही, जबकि अपराधी बेखौफ घूमते रहे। अंततः मामला बढ़ने पर मुगलसराय कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया है।
*चापड़ दिखाकर लूटी नकदी*
✨जानकारी के अनुसार, मिर्जापुर निवासी व्यापारी रविंद्र और रोहित गोरखपुर से धान का बीज बेचकर अपनी कार से वापस लौट रहे थे। बुधवार की देर रात करीब 1:30 बजे जैसे ही वे रिंग रोड स्थित कुरहना अंडरपास के पास रुके, तभी एक बाइक पर सवार तीन नकाबपोश बदमाशों ने उन्हें घेर लिया। बदमाशों ने चापड़ (धारदार हथियार) दिखाकर जान से मारने की धमकी दी और व्यापारियों के पास मौजूद 45 हजार रुपये लूटकर रफूचक्कर हो गए।
*20 घंटे तक चलता रहा ‘सीमा का खेल’*
✨लूट की सूचना मिलते ही डायल 112 मौके पर पहुंची, लेकिन इसके बाद जो हुआ वह हैरान करने वाला था। मुगलसराय और अलीनगर पुलिस घटना स्थल को अपने क्षेत्र से बाहर बताने में जुट गई। इस खींचतान में 20 घंटे का कीमती समय बर्बाद हो गया। जब मामला उच्चाधिकारियों तक पहुँचा, तब जाकर गुरुवार देर शाम मुगलसराय पुलिस ने एफआईआर दर्ज की।
*सुरक्षा पर उठ रहे सवाल*
✨घटना के बाद पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज खंगालने और टीमें गठित करने का दावा कर रही है। हालांकि, स्थानीय नागरिकों में भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि:
• रात के समय रिंग रोड पूरी तरह सुनसान रहता है।
• पुलिस की गश्त न के बराबर होने से बदमाशों के हौसले बुलंद हैं।
• समय पर कार्रवाई न होने से अपराधियों को भागने का पूरा मौका मिल गया।
✨फिलहाल, पुलिस बदमाशों की तलाश में जुटी है, लेकिन इस घटना ने चंदौली में कानून-व्यवस्था और पुलिस की संवेदनशीलता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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