रिपोर्ट रवि शंकर राय वाराणसी। सदलपुर गांव निवासी रामविलास गौड़ ने राजस्व विभाग के अधिकारियों को प्रार्थना पत्र देकर क्षेत्रीय लेखपाल व राजस्व निरीक्षक चितईपुर पर गलत रिपोर्ट तैयार करने तथा निर्धारित रकबे से अधिक जमीन पर जेसीबी चलवाने का आरोप लगाया है। प्रार्थी के अनुसार उसने आराजी संख्या 91, रकबा 1600 वर्गफीट (148.69 वर्गमीटर), मौजा सदलपुर में 09 फरवरी 2010 को अपनी पत्नी आशा गौड़ के नाम बैनामा कराया था। खतौनी में भी उनकी पत्नी का नाम दर्ज है। आराजी संख्या 91 के उत्तर में आराजी संख्या 92 चकमार्ग के रूप में दर्ज है।
प्रार्थी का आरोप है कि आराजी संख्या 90 के खातेदार अजय पुत्र शत्रुघ्न को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से लेखपाल व राजस्व निरीक्षक द्वारा आराजी संख्या 92 में से उसके द्वारा 15 वर्गफीट यानी 1.394 वर्गमीटर अतिक्रमण किए जाने की रिपोर्ट तैयार की गई। इसी रिपोर्ट के आधार पर तहसीलदार सदर द्वारा 03 अगस्त 2024 को क्षतिपूर्ति के रूप में 11,152 रुपये तथा 5 रुपये जुर्माना वसूलने का आदेश दिया गया। इसके विरुद्ध दाखिल अपील को मुख्य राजस्व अधिकारी ने 29 जून 2026 को निरस्त कर दिया।
रामविलास का कहना है कि उसने अधिकारियों के आदेश का सम्मान करते हुए कथित अतिक्रमण स्वयं हटाने की बात कही थी। आरोप है कि क्षेत्रीय लेखपाल ने 25 हजार रुपये की मांग करते हुए कहा कि रकम देने पर रकबा बच जाएगा। प्रार्थी के अनुसार उसने कर्ज लेकर 10 हजार रुपये लेखपाल के मुंशी को दिए, लेकिन शेष 15 हजार रुपये नहीं दे सका।इसके बाद लेखपाल पुलिस बल व जेसीबी के साथ पहुंचा और आरोप है कि 15 वर्गफीट के बजाय लगभग 10 फीट चौड़ी और 36 फीट लंबी, यानी करीब 360 वर्गफीट जगह को तोड़ दिया गया। इसमें चहारदीवारी के अंदर बना शौचालय तथा आम समेत अन्य पौधे भी क्षतिग्रस्त होने का दावा किया गया है। साथ ही करीब 3 फीट चौड़ी और 36 फीट लंबी जगह पर रास्ते के लिए निशान लगाए जाने का आरोप है।प्रार्थी ने सक्षम अधिकारी से मामले की जांच कराकर न्याय दिलाने तथा आदेश के अनुरूप केवल कथित अतिक्रमण वाले रकबे तक ही रास्ते की निशानदेही कराने की मांग की है।