वाराणसी कार्यालय प्रतिनिधि की रिपोर्ट*दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज के विरोध में वाराणसी के अधिवक्ता भी सड़क पर उतर आए। शुक्रवार को जिला अधिकारी कार्यालय के नीचे अधिवक्ताओं ने धरना-प्रदर्शन कर घटना की निंदा की और छात्रों के साथ हुई कार्रवाई को लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बताया।
धरने में शामिल अधिवक्ता विकास सिंह ने कहा कि छात्रों पर बल प्रयोग करना पूरी तरह गलत है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार लगातार छात्रों की आवाज को दबाने का प्रयास कर रही है, जो किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज की घटना बेहद निंदनीय है।
अधिवक्ताओं ने सरकार से छात्रों पर हुई कार्रवाई की निष्पक्ष जांच कराने और भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न होने के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान अधिवक्ताओं ने छात्रों के समर्थन में नारेबाजी भी की और कहा कि लोकतंत्र में हर नागरिक को अपनी बात रखने का अधिकार है।
धरना शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। मौके पर सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल भी तैनात रहा। अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि छात्रों की आवाज को इसी तरह दबाया जाता रहा तो वे आगे भी लोकतांत्रिक तरीके से अपना विरोध जारी रखेंगे।