शिवपूजन कुमार की रिपोर्ट
*वाराणसी: राजातालाब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी के राजातालाब तहसील क्षेत्र में धोखाधड़ी का एक मामला सामने आया है, जहां जीवित व्यक्ति को मृत दिखाकर उनकी जमीन हड़पने का आरोप लगा है। पीड़ित ने इस संबंध में उपजिलाधिकारी (एसडीएम) राजातालाब से शिकायत की है, जिसके बाद मामले की जांच तहसीलदार को सौंपी गई है।
ग्राम कचनार, राजातालाब निवासी दीनदयाल उर्फ सभूति ने अपने सगे भतीजों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनके अनुसार, उनके जीवित रहते हुए उन्हें राजस्व रिकॉर्ड में मृत दर्शाया गया। इसके बाद उनकी पैतृक भूमि का वारिस केवल विभूति के पुत्रों के नाम दर्ज करवा लिया गया।
दीनदयाल ने शनिवार को समाधान दिवस पर उपजिलाधिकारी को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि उनके पिता स्वर्गीय राजनाथ के नाम राजस्व ग्राम कचनार व बंगालीपुर की आराजीयात में हिस्सेदारी दर्ज थी। दीनदयाल का फ़र्ज़ी निधन वर्ष 2020 में हो चुका था, जिनके फ़र्ज़ी वारिस आदित्य नारायण, सुनिल कुमार, सुजीत कुमार पुत्रगण स्व. विभूति नारायण हैं। इसके पहले 2014 में फ़र्ज़ी वसीयत भी करवाया गया था।
आरोप है कि इन तीनों भतीजों ने जब फ़र्ज़ी वसीयत से काम नहीं हुआ तो लगभग पाँच वर्ष पहले कूटरचित दस्तावेज मृत्यु प्रमाण पत्र तैयार किए। उन्होंने ऑनलाइन उत्तराधिकार आवेदन के आधार पर पाँच वर्ष पहले करोड़ों की संपूर्ण भूमि अपने नाम दर्ज करवा ली। यह तारीखें भविष्य की हैं, जो धोखाधड़ी की गंभीरता को दर्शाती हैं।
पीड़ित दीनदयाल ने इसे एक गंभीर धोखाधड़ी और अपराध बताते हुए दोषियों के विरुद्ध तत्काल अभियोग पंजीकृत कर विस्तृत जांच की मांग की है। उन्होंने राजस्व व्यवस्था में इस तरह की चूक पर चिंता व्यक्त की है।
एसडीएम ने जांच के दिए निर्देश
एसडीएम शांतुन कुमार सिनसिनवार ने बताया कि इस प्रकरण की जांच तहसीलदार को सौंप दी गई है। उन्होंने आश्वासन दिया कि शीघ्र ही जांच रिपोर्ट प्राप्त हो जाएगी और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।