सह संपादक कमलनयन जायसवाल
जौनपुर। जिले में पुलिस व्यवस्था को अधिक जवाबदेह और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से एक नई पहल शुरू की गई है। अब पुलिस अधीक्षक (एसपी) कार्यालय में आने वाली शिकायतों की थानेवार सूची तैयार की जाएगी, जिसके आधार पर थानाध्यक्षों की रैंकिंग तय होगी। खराब प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई भी की जाएगी।
जनपद में महिला साइबर थाने सहित कुल 30 पुलिस स्टेशन संचालित हैं। एसपी कार्यालय में शिकायतों को व्यवस्थित रूप से दर्ज करने के लिए एक विशेष सेल का गठन किया गया है। पहले शिकायतें तो दर्ज होती थीं, लेकिन उनकी थानेवार सूची नहीं बनती थी, जिससे जिम्मेदारी तय करने में दिक्कत आती थी। नई व्यवस्था से पुलिसकर्मियों की जवाबदेही सुनिश्चित होने की उम्मीद है।
पुलिस की छवि सुधारने के लिए हाल के दिनों में सख्त कदम भी उठाए गए हैं। लाइन बाजार थानाध्यक्ष सतीश सिंह और चंदवक थानाध्यक्ष सत्यप्रकाश सिंह सहित चार चौकी इंचार्ज को निलंबित किया गया है। इसके अलावा 50 कांस्टेबल और हेड कांस्टेबल पर भी कार्रवाई की गई है। इन पर रिश्वत लेने, शिकायतकर्ताओं से दुर्व्यवहार और अनुशासनहीनता जैसे गंभीर आरोप लगे थे।
अक्सर यह देखा जाता रहा है कि फरियादियों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए दूर-दराज से जिला मुख्यालय तक आना पड़ता है। इस समस्या को कम करने और स्थानीय स्तर पर ही समाधान सुनिश्चित करने के लिए थानेवार रैंकिंग प्रणाली लागू की जा रही है। खराब प्रदर्शन करने वाले थानाध्यक्षों से स्पष्टीकरण मांगा जाएगा और जरूरत पड़ने पर उन्हें लाइन हाजिर भी किया जा सकता है।
पुलिस अधीक्षक कुंवर अनुपम सिंह ने बताया कि पिछले दो महीनों में यह कार्रवाई की गई है और आने वाले समय में भी सख्ती जारी रहेगी। फिलहाल 50 पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय जांच चल रही है, जिसमें चार थानाध्यक्ष भी शामिल हैं। शिकायतों की जांच अपर पुलिस अधीक्षक (नगर) और अपर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) द्वारा की जा रही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।