सलीम मंसूरी की रिपोर्ट
जमानियां। 15 मई की सुबह भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में ₹3 प्रति लीटर की बढ़ोतरी होने के कारण वाहन स्वामियों में सरकार के खिलाफ जबरदस्त आक्रोश देखा गया। पिछले चार वर्षों में पहली बार ईंधन दरों में संशोधन है। इस वृद्धि के बाद पेट्रोल की नई कीमत लगभग ₹97.77 और डीजल ₹90.67 प्रति लीटर हो गई है। पुनः वृद्धि से वाहन स्वामियों, विशेषकर कमर्शियल वाहन चालकों और आम जनता में जबरदस्त आक्रोश पैदा कर दिया है। इसका दैनिक बजट पर सीधा असर पड़ गया है। लगातार बढ़ती महंगाई के बीच, ईंधन की कीमतों में यह वृद्धि मध्यमवर्गीय परिवारों के बजट पर जबरदस्त और गहरा प्रहार है। डीजल के दाम बढ़ने से परिवहन लागत बढ़ेगी। जिससे फल, सब्जी, दूध और अन्य दैनिक आवश्यक वस्तुओं के दाम भी बढ़ सकते हैं। बहुजन समाज पार्टी के पूर्व जमानियां विधानसभा के प्रत्याशी रहे एवं जिला उपाध्यक्ष मोहम्मद परवेज खान, मंडल प्रभारी धनंजय मौर्य, आजाद टाइगर ने कहा कि पेट्रोल डीजल के दामों में जबरदस्त वृद्धि सीधे सीधे जनता पर हमला प्रहार बताया है। उन्होंने कहा कि इसे तत्काल वापस नहीं लिया गया। तो सड़क से लेकर सांसद तक विरोध प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होंगे। खान ने कहा कि पिछले चार वर्षों से पेट्रोल-डीजल की कीमतें स्थिर थीं। इस अचानक हुई वृद्धि से आमजन वाहन स्वामियों को हैरान कर दिया है। बताया जाता है। कि पश्चिम एशिया (West Asia) में जारी संघर्ष और तनाव के कारण कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतें आसमान छू रही हैं। जो 100 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गई हैं। सरकारी तेल कंपनियों को ईंधन की कम कीमतों के कारण रोजाना भारी नुकसान हो रहा था। जिसके बाद यह कदम उठाना मजबूरी बताया जा रहा है।वाहन स्वामियों द्वारा पर इस वृद्धि को लेकर कड़ी नाराजगी व्यक्त की जा रही है। जो सरकार से राहत की उम्मीद कर रहे हैं।