राजेश दुबे की रिपोर्ट
वाराणसी। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में 48वां दीक्षान्त समारोह 28 जुलाई को होना प्रस्तावित है। दीक्षान्त समारोह की तैयारियों के मद्देनजर गुरुवार को कुलपति प्रो. आनन्द कुमार त्यागी की अध्यक्षता में बैठक संपन्न हुई। पंत प्रशासनिक भवन स्थित डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्ण सभागार में आयोजित बैठक में कुलपति प्रो. त्यागी ने बताया कि विश्वविद्यालय का 48वां दीक्षान्त समारोह ‘विगत दशक में भारत की उपलब्धियां’ थीम एवं सब-थीम ‘विकसित भारत : 2047 का आधारशिला’ पर पूरी भव्यता के साथ आयोजित किया जायेगा। प्रो. त्यागी ने बताया कि दीक्षान्त समारोह के पूर्व दीक्षोत्सव का आयोजन किया जायेगा, जिसके अन्तर्गत परम्परागत खेल प्रतियोगिता, काव्य लेखन एवं निबन्ध लेखन, चित्रकला, देशभक्ति गीत (अभिनय के साथ), लोक नृत्य (स्थानीय/पारम्परिक), भाषण प्रतियोगिता, माँ-बेटी सम्मेलन का आयोजन किया जायेगा, जिसमें प्रत्येक प्रतियोगिता में प्रतिभाग करने वाले प्रतिभागी (छात्र-छात्रायें) पृथक-पृथक होंगें। प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कृत किया जायेगा।
कुलपति प्रो. त्यागी ने कहा कि उत्कृष्ट कार्य करने वाले चार अध्यापकों (प्रधानाचार्य को सम्मिलित करते हुए) को सम्मानित किया जायेगा, जिसमें 03 महाविद्यालयों से एवं 01 विश्वविद्यालय से होंगे, जिन्हें विश्वविद्यालय स्तर पर गठित समिति द्वारा मूल्याकन कर चिन्हित करते हुए पुरस्कृत किया जायेगा। वहीं, विश्वविद्यालय द्वारा गोद लिये गाँवों में भी परम्परागत खेलों का भी आयोजन किया जायेगा। इसमें सम्मिलित 50 बच्चों को दीक्षान्त समारोह में बुलाया जायेगा तथा दीक्षांत समारोह के समय 10 बच्चों द्वारा पर्यावरण/जल बचाव से सम्बन्धित गीत गायन अभिनय के साथ प्रस्तुत कराया जायेगा। दीक्षान्त के समय देशभक्ति गीत/पारम्परिक लोक नृत्य 15 बच्चों के समूह में प्रस्तुत किया जायेगा। गोद लिये गये गावों में ‘मेरी मां’ प्रतियोगिता का आयोजन किया जायेगा, जिसमें मेरी मां विषय पर भाषण, निबन्ध, काव्य एवं चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन होगा।
कुलपति ने बताया कि विश्वविद्यालय एवं उनसे सम्बद्ध महाविद्यालयों के छात्रगण 01 घण्टा एक पुस्तक पढ़ेंगे और उस पर एक रिव्यू रिपोर्ट तैयार होगा। विश्वविद्यालय परिसर में एक दिवस सफाई अभियान चलाया जायेगा, जिसमें कुलपति, कुलसचिव, समस्त अधिकारीगण, अध्यापकगण, गैर शैक्षणिक कर्मचारीगण, छात्र-छात्राएं सम्मिलित होकर विश्वविद्यालय के भवन, कक्षा एवं प्रयोगशाला तथा परिसर में सफाई करें। साथ ही छात्र-छात्राओं के मध्य ‘भारत विश्व की चौथी अर्थव्यवस्था कैसे बना’, ‘राज्य सरकार के दो अच्छे कार्य’ एवं ‘भारत सरकार के दो अच्छे कार्य’ विषय पर निबन्ध लेखन की प्रतियोगिता आयोजित होगी। यह प्रतियोगिता विश्वविद्यालय में आयोजित होगी, जिसमें महाविद्यालय के विद्यार्थी भी सम्मिलित होंगे।
वहीं, दीक्षान्त समारोह से पहले गोद लिये गांव में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित होंगे, जिसमें विद्यालयों में अलग-अलग दो समूह का निर्धारण कर भाषण प्रतियोगिता, चित्रकला/पेंटिंग प्रतियोगिता एवं कहानी कथन प्रतियोगिता (स्टोरी टेलिंग) का आयोजन किया जायेगा। कक्षा 09 से 12 तक के छात्र अपने में गाँव जो भी अच्छे कार्य (यथा- जल संरक्षण, पर्यावरण, स्वास्थ्य, शिक्षा, सफाई, आदि) किये गये हैं उसके बारे में अपने भाषण में बोलेंगे। यह प्रतियोगिता 05 गावों के मध्य कराई जायेगी तथा उसमें प्रथम 03 विजेता (प्रत्येक प्रतियोगिता- भाषण, चित्रकला, कहानी-कथन हेतु चिन्हित होंगे) को कुलाधिपति आनंदी बेन पटेल द्वारा दीक्षांत समारोह में सम्मानित किया जाएगा।
साथ ही दीक्षान्त समारोह में कुलाधिपति आनंदी बेन पटेल द्वारा 300 आंगनवाड़ी किट का वितरण किया जायेगा। आंगनवाड़ी किट वितरण के समय गोद लिये गये 05 गावों की आंगनवाडी के मध्य उनकी सफाई, स्थास्थ्य / हाइजिन, बच्चों के खेलकूद, बच्चों के रख-रखाव तथा अन्य व्यवस्थाओं को देखते हुए उन्हें सम्मानित किया जायेगा। दीक्षान्त समारोह के बाद विश्वविद्यालय के छात्रावास में रहने वाली छात्राओं के स्वास्थ्य, उत्कृष्टता, खेल आदि क्षेत्रों के विषय पर “माँ-बेटी सम्मेलन” आयोजित किया जायेगा।
बैठक में दीक्षान्त समारोह समन्वयक प्रो. बंशीधर पाण्डेय, समाजशास्त्र विभागाध्यक्ष प्रो. अमिता सिंह, कुलानुशासक प्रो. कृष्ण कुमार सिंह, छात्र कल्याण संकायाध्यक्ष प्रो. राजेश कुमार मिश्र, वित्त अधिकारी हरि शंकर मिश्र, कुलसचिव डॉ. सुनीता पाण्डेय, परीक्षा नियंत्रक दीप्ति मिश्रा, प्रोफेसर इंचार्ज अभियंत्रण विभाग प्रो. राकेश कुमार तिवारी, पत्रकारिता एवं जनसंचार विभागाध्यक्ष डॉ. नागेन्द्र कुमार सिंह, डॉ. राहुल गुप्ता, डॉ. आयुष कुमार, सम्पत्ति अधिकारी डॉ. सूर्यनाथ सिंह, राजेश राय आदि उपस्थित रहे।