वाराणसी — काशी की तंग गलियों और भीड़-भाड़ वाले इलाकों को जाम से निजात दिलाने के लिए नगर निगम ने कमर कस ली है। बुधवार को नगर निगम की टीम ने शहर के हृदयस्थली क्षेत्र में एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए करीब 08 बिस्वा जमीन को अवैध कब्जे से मुक्त कर लिया। महापौर अशोक कुमार तिवारी व नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल के सख्त निर्देश पर निगम की टीम ने यह कार्रवाई की। सहायक नगर आयुक्त अनिल यादव के नेतृत्व में पहुंची टीम ने ना केवल जमीन खाली कराई, साथ ही बाउंड्री वालो का निर्माण भी शुरू करा दिया। निगम शहर के मध्य इस जमीन का उपयोग पार्किंग के रूप में कराने पर विचार कर रहा है। ताकि क्षेत्रीय दुकानदारो व ग्राहकों को अपने वाहन खड़ा करने के लिए सुरक्षित स्थान मिल सके। इस जमीन की बाजारू कीमत लगभग 16 करोड रुपए है। इसी प्रकार सारनाथ स्टेशन के पीछे भीटे की जमीन पर अवैध कब्जा भी निगम ने हटवाया। इस जमीन पर कुछ लोग दीवार खड़ी कर कब्जा करने का प्रयास कर रहे थे। निगम की टीम ने निर्माणाधीन दीवार को ध्वस्त करवा दिया। सहायक नगर आयुक्त के अनुसार यह अभियान पिछले दो वर्षों से निरंतर जारी है। अब तक शहर के विभिन्न क्षेत्रों में कुल 1140 विश्वा सरकारी जमीन को अवैध कब्जों से मुक्त कराया जा चुका है। मुक्त कराई गई इन जमीनों की कुल बाजारू कीमत 58 अरब रुपए आंकी गई है। निगम प्रशासन इन जमीनों का उपयोग जन सुविधाओं और राजस्व बढ़ाने के प्रोजेक्ट्स में उपयोग करने की योजना बना रहा है।इसी तरह नगर निगम सड़क पर पार्किंग करने वाले मॉलों, स्कूलों पर भी शिकंजा कसने की तैयारी कर रहा है। इन्हें नोटिस भी जारी किया जा चुका है। नगर निगम ने जमीन खाली कराने के साथ ही साथ सड़कों पर होने वाले अतिक्रमण के खिलाफ भी मोर्चा खोल दिया है। सहायक नगर आयुक्त अनिल यादव ने बुधवार को सिगरा क्षेत्र का दौरा किया। इस दौरान आईपी मॉल, जूडियो शोरूम और डालिम्स सनबीम स्कूल को कड़ी चेतावनी के साथ नोटिस जारी किया गया। निगम की ओर से स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि संस्थान अपने आगंतुकों और छात्रों के वाहनों की पार्किंग परिसर के भीतर कराना सुनिश्चित करें। यदि भविष्य में इन संस्थानो के बाहर सड़क पर वाहन खड़े पाए गए तो ना केवल भारी अर्थदंड वसूला जाएगा बल्कि संबंधित संस्थान के खिलाफ मुकदमा भी पंजीकृत कराया जाएगा। वरिष्ठ पत्रकार राजेंद्र गुप्ता की रिपोर्ट वाराणसी