रामतीरथ मोदनवाल की रिपोर्ट
कछवां* क्षेत्र स्थित जगतानंद परमहंस आश्रम में मंगलवार को यथार्थ गीता के रचयिता परमपूज्य परमहंस स्वामी अड़गड़ानंद जी महाराज का आगमन हुआ स्वामी जी ने सत्संग के दौरान अपने मुखारबिंदु से भक्तों को संबोधित करते हुए बताये कि सुना रे मैंने निर्बल के बल राम अर्थात संसार के लोगों को केवल भगवान से ही बल मिल सकता है और यह बल तब मिलेगी जब भगवान् के प्रति श्रद्धा, और समर्पण होगी स्वामी जी ने भक्तों को बताया कि श्रद्धा को एकनिष्ठ करने के लिए ओम्,राम अथवा शिव तीनों नामों का अर्थ एक ही है तीनों नामों से एक नाम का जप करें नाम जप के प्रभाव से भगवत पथ में प्रवेश मिलता जाएगा चाहे वो गृहस्थ पथ पर हो या विरक्त पथ पर हो स्वामी जी का आगमन कई वर्षो बाद जगतानंद आश्रम में हुआ जहां जगतानंद आश्रम के प्रमुख संत साधु बाबा , नारद महाराज, स्नेही महाराज आशीष महाराज,दीपक महराज,अनुभवानंद महाराज ,राजेन्द्र, अखिलेश, राजीव किसमीस,राजू, संतोष,प्रेम , जंग बहादुर और अखिलेश महाराज इत्यादि संतो के दर्शन के लिए लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ इकट्ठा हुई श्रद्धालुओं ने स्वामी जी का दर्शन करके भंडारा स्थल पर प्रसाद ग्रहण किया