शिव पूजन कुमार की रिपोर्ट वाराणसी
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वाराणसी। आज 16 मई 2026 को पिंडरा और राजातालाब तहसील में सम्पूर्ण समाधान दिवस आयोजित हुआ। इस कार्यक्रम में नट और मुसहर समुदाय के लोग अपनी जरूरी माँगों को लेकर आवेदन देने पहुँचे। इनकी मुख्य माँगें थीं — घरौनी प्रमाण पत्र, जमीन का पट्टा, और प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत घर।
क्या हुआ पिंडरा में?
राजातालाब तहसील में समुदाय के आवेदन स्वीकार किए गए और रसीद भी मिली। लेकिन पिंडरा तहसील में खुलेआम भेदभाव हुआ।
वहाँ तैनात कर्मचारी ने साफ कह दिया —
“आपका आवेदन ले लिया जाएगा, लेकिन रसीद नहीं मिलेगी। SDM साहब ने नट-मुसहर समुदाय को रसीद देने से मना किया है।”
जब समुदाय के लोगों ने देखा कि दूसरों को रसीद मिल रही है और सिर्फ उनके साथ यह व्यवहार हो रहा है — तो उन्होंने कड़ा विरोध जताया।
DM से की गई शिकायत
समुदाय के लोगों ने तुरंत जिलाधिकारी, वाराणसी को फोन पर इसकी सूचना दी। DM कार्यालय की ओर से कहा गया — “देखते हैं।”
नट समुदाय संघर्ष समिति ने DM से माँग की है कि इस मामले की तुरंत जाँच हो और दोषी कर्मचारी व अधिकारी पर कार्रवाई की जाए
संगठन की 5 मुख्य माँगें
1. पिंडरा तहसील में रसीद न देने के मामले की तत्काल जाँच और दोषियों पर कार्रवाई।
2. समुदाय के सभी आवेदन विधिवत पंजीकृत कर रसीद दी जाए।
3. प्रधानमंत्री स्वामित्व योजना के तहत ड्रोन सर्वेक्षण कराकर घरौनी प्रमाण पत्र जारी किए जाएँ।
4. भूमिहीन DNT परिवारों को कृषि व आवासीय भूमि पट्टे पर दी जाए।
5. प्रधानमंत्री आवास योजना में पात्र परिवारों को आवास स्वीकृत किया जाए।
संगठन ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी से भी अपील की है — क्योंकि सम्पूर्ण समाधान दिवस उन्हीं की परिकल्पना है, जिसका मकसद समाज के सबसे पिछड़े लोगों की समस्याएँ सुलझाना है। ऐसे में यह भेदभाव इस योजना की भावना के विरुद्ध है।
आज कहाँ-कहाँ से आए लोग?
पिंडरा तहसील: औराव, खरगपुर, जगदीशपुर, दल्लीपुर, फत्तूपुर, बेलवा
राजातालाब तहसील: जोगापुर (मुसहर बस्ती), शिवरामपुर, खलीशपुर, कर्धना, प्रतापुर
उपस्थित सदस्य: चंपा, नगीना, सीता, रामवती, लालमणि, धर्मवती, गीता, गंगा, हीरावती, रीवा, पार्वती, मनोज, राजन, संजय, सुरेन्द्र एवं अन्य।