शिव पूजन कुमार की रिपोर्ट
वाराणसी। पुलिस की जिम्मेदारियां लगातार बढ़ती जा रही हैं। अपराध नियंत्रण, कानून-व्यवस्था, यातायात प्रबंधन, परीक्षा ड्यूटी, वीआईपी प्रोटोकॉल और आपदा के समय लोगों की जान बचाने जैसी जिम्मेदारियों के बीच अब प्रेमी-प्रेमिकाओं का मेल-मिलाप कराना भी पुलिस की अनौपचारिक जिम्मेदारी बनता जा रहा है।
हाल के दिनों में ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जहां प्रेमी या प्रेमिका अपनी मांग मनवाने के लिए पानी की टंकी या मोबाइल टावर पर चढ़ जाते हैं। इसके बाद पुलिस को घंटों मशक्कत कर समझाना पड़ता है। कभी परिवार वालों को बुलाना पड़ता है, तो कभी दोनों पक्षों में समझौता कराना पड़ता है।


पुराने समय में प्रेम संबंधों के विवाद समाज और परिवार के लोग सुलझाते थे, लेकिन अब हर समस्या का समाधान पुलिस से अपेक्षित है। ऐसे में पुलिस न केवल सुरक्षा और कानून व्यवस्था संभाल रही है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं का परिचय देते हुए लोगों की जिंदगी में खुशियां भी लौटाने का कार्य कर रही है।
जिस रफ्तार से यह सिलसिला बढ़ रहा है, उसे देखकर लगता है कि भविष्य में पुलिस प्रशिक्षण में “महबूब-महबूबा मिलाप एवं विवाह प्रबंधन” जैसा नया विषय भी शामिल करना पड़ सकता है।













