सलीम मंसूरी की रिपोर्ट
जमानियां। अकीदत के साथ पढ़ी गयी खत्म तरावीह की नमाज मंगलवार को रमजान का 20 वां रोजा मुकम्मल हुआ। इस दौरान मोहल्ला बुद्धिपुर बंगले वाली मस्जिद में मंगलवार की रात खत्म तरावीह की नमाज अकीदत के साथ पढ़ी गयी। तरावीह खत्म होने पर नमाजियों ने हाफिज जीशान रजा को माला पहना कर मुबारकबाद दिया। इस दौरान सभी नमामियों में मिठाई बांटी गई।
मंगलवार को रमजान का 20 वां रोजा मुकम्मल हुआ। वहीं इस दौरान बुद्धिपुर मोहल्ला स्थित बंगले वाली मस्जिद में मंगलवार की रात खत्म तरावीह की नमाज अकीदत के साथ पढ़ी गयी। और तरावीह खत्म होने पर नमाजियों ने हाफिज जीशान रजा को माला पहना कर मुबारकबाद दिया गया। इस दौरान सभी नमामियों में मिठाई बांटी गई. माह ए रमजान के शुरुआत होते ही यह तरावीह की नमाज हाफिज जीशान रजा द्वारा हर रात तरावीह की नमाज में कुरान पाक की आयतें सुनाई जाती रही। बताया जाता है। की तरावीह में पूरा कुरान सुनाया जाता है। तरावीह की नमाज इफ्तार के करीब 2 घंटे बाद शुरू की जाती है। यह रात की नमाज (ईशा) के साथ पढ़ी जाती है। तरावीह की नमाज 20 रकात की होती है। तरावीह की नमाज पढ़ने में लगभग एक घंटे से डेढ़ घंटे तक का समय लग जाता है। साथ ही नमाज ए तरावीह खत्म होने पर अकीदतमंदों ने दुआ मांगी। नमाज ए तरावीह में कुरान शरीफ सुनाने वाले हाफिज जीशान रजा को फूल मालाओं से इस्तकबाल किया गया। जिसके बाद हाफिज जीशान रजा ने नबी अकरम की सुन्नत पर चलने का आह्वान किया। नमाज से पहले उन्होंने रमजान की फजीलत पर तकरीर करते हुए। कहा कि माह ए रमजान के महीने में कुरआन नाजिल हुआ था। इस अवसर पर
गुलाम रसूल, शकील कुरैशी, नेहाल मंसूरी, अबरार कुरैशी, हक्का कुरैशी, जमाल मंसूरी, कमाल मंसूरी बेलाल मंसूरी, सैफ मंसूरी, कैफ मंसूरी, मेराज मंसूरी, फैयाज मंसूरी, अशरफ मंसूरी, इकराम खान, शाहनवाज मंसूरी,अली मंसूरी, एजाज इदरीसी, साहिल माली, साहिल इदरीसी सहित आदि नमाजियों की खचाखच भीड़ रही।