Follow us on

बाबासाहेब अंबेडकर जयंती को धूमधाम से प्रभात फेरी निकाल एवं आयोजित कार्यक्रम में पुष्प अर्पित कर मनाया गया।

Share this post:

सलीम मंसूरी की रिपोर्ट

जमानियां। महान सुधारक भारतीय संविधान के शिल्पी बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर जयंती के अवसर पर बरेसर गांव स्थित एन एच 24 सड़क पटरी किनारे उ की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर एवं प्रभात फेरी निकाल कर हर्षौल्लास के साथ जयंती को मनाया गया। इसके साथ ही विभिन्न स्कूलों, कॉलेजों सहित कई जगहों पर गोष्‍ठी एवं सभाएं हुई। बताया जाता है। कि हर वर्ष 14 अप्रैल को भारत के संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती मनाई जाती है। बाबासाहेब के नाम से मशहूर अंबेडकर एक महान चिंतक, समाज सुधारक, कानून विशेषज्ञ, आर्थिक विशेषज्ञ, बहुभाषी वक्ता, संपादक, पत्रकार थे। उनकी जयंती पर तहसील मुख्यालय स्थित सभागार में एक कार्यक्रम आयोजित कर उनकी प्रतिमा पर उपजिलाधिकारी सुश्री ज्योति चौरसिया, तहसीलदार राम नारायण वर्मा, नायब तहसीलदार जितेंद्र कुमार, अवनीश कुमार सहित कर्मियों ने पुष्प चढ़ाकर श्रद्धा सुमन अर्पित किया। इसके साथ ही अधिकांश स्कूलों, सरकारी कार्यालयों में अवकाश रहा। इस दौरान उपजिलाधिकारी सुश्री ज्योति चौरसिया ने उपस्थित कर्मचारियों को अपने संबोधन में प्रकाश डालते हुए। बताया कि डॉ. अंबेडकर का जन्म 14 अप्रैल 1891 में मध्यप्रदेश के महू में एक महार परिवार में हुआ था। जिसे उन दिनों निचली जाति माना जाता था। भारत रत्न बाबासाहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर दलितों के महान नेता थे। उन्होंने अपना पूरा जीवन दलित उत्‍थान के लगा दिया। उन्होंने हमेशा समानता की बात की फिर चाहे वह मानवों के बीच समानता की बात हो या फिर कानून के समक्ष समानता की। अंबेडकर जयंती के मौके पर स्कूल, कॉलेजों, सरकारी कार्यालयों व अन्य स्थानों पर गोष्‍ठी, सभाएं और अन्य कार्यक्रम हुई। हैं। तहसील मुख्यालय के सामने रामलीला मैदान में आयोजित कार्यक्रम में संविधान रचता बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर के जीवन पर प्रकाश डाला गया। क्षेत्र के हेतिमपुर गांव स्थित बीआरसी कार्यालय में खंड शिक्षा अधिकारी सुनील कुमार की उपस्थिति में बड़े ही धूमधाम के साथ अंबेडकर जयंती मनाया गया। आयोजित कार्यक्रम में सुनील कुमार ने उनके महान विचारों को याद करते हुए। उन्हें नमन कर श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने बताया कि यह दिन केवल एक जयंती नहीं बल्कि सामाजिक न्याय, समानता और संविधान की भावना का उत्सव है। संविधान की रचना में उनके योगदान के साथ-साथ आजाद भारत की संस्थाओं के निर्माण में जो उनकी शानदार सक्रिय भूमिका रही। सबल और सशक्त भारत के निर्माण में बाबसाहेब हम सबके प्रेरणापुंज हैं। विकास खंड अधिकारी अरविंद यादव ने उनके जीवन पर प्रकाश डालते हुए। कहा कि डॉ. बीआर अंबेडकर वो शख्स हैं। जिन्होंने भारत को उसका संविधान दिया और कोई भी देश बिना संविधान नहीं चल सकता। बाबा साहेब के नाम से मशहूर डॉ. भीमराव अंबेडकर को संविधान निर्माता और संविधान का शिल्पकार कहा जाता है। उन्होंने न सिर्फ संविधान निर्माण में सबसे अहम रोल अदा किया बल्कि समाज में दलितों पर हो रहे अत्याचारों के खिलाफ आवाज उठाई। बाबा साहेब ने अपना सारा जीवन भारतीय समाज में व्याप्त जाति व्यवस्था के खिलाफ संघर्ष में बिता दिया। उन्होंने भारतीय समाज में समानता लाने के काफी प्रयास किए। उन्होंने दलितों और पिछड़ों को उनका अधिकार दिलाने के लिए जीवन भर संघर्ष किया। और हमेशा मजदूर वर्ग व महिलाओं के अधिकारों का समर्थन किया। बसपा मंडल प्रभारी एवं पूर्व जिला पंचायत सदस्य धनंजय मौर्य ने कहा कि अंबेडकर ने जीवन भर छुआछूत, जातिवाद और सामाजिक भेदभाव के खिलाफ संघर्ष किया। उन्होंने शिक्षा को सबसे बड़ा हथियार बताया और कहा शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष करो। मौर्य ने बताया कि 14 अप्रैल 1891 में मध्यप्रदेश के महू में जन्मे बाबासाहेब कहा करते थे। कि वह ऐसे धर्म को मानते हैं। जो स्वतंत्रता, समानता और भाईचारा सिखाता है। उनका मानना था। कि जीवन लम्बा होने के बजाय महान होना चाहिए। ब्लाक प्रमुख प्रतिनिधि संतोष कुशवाहा ने कहा कि बाबा साहेब अंबेडकर का परिवार महार जाति से संबंध रखते थे। जिसे अछूत माना जाता था। वह दलित थे। वह उस वक्त समाज में व्याप्त भेदभाव से लड़कर अपनी काबिलियत के दम पर आजाद भारत के पहले कानून मंत्री के पद तक पहुंचे। 1990 में उन्हें मरणोपरांत भारत का सर्वोच्च सम्मान भारत रत्न भी दिया गया था। वह भारत के किसी कॉलेज में सबसे पहले दाखिला लेने वाले दलित व पिछड़े वर्ग के कुछेक लोगों में से एक थे। दलित होने के चलते शिक्षा के दौरान उन्होंने काफी भेदभाव का सामना किया। शैलेन्द्र सिंह यादव, लेखपाल रुपेश रंजन सिंहा, कानूनगोह अजय यादव, कानूनगोह नसीमुद्दीन, लेखपाल राहुल, विजय कुमार सहित आदि विभागीय कर्मी शामिल रहे।

लेखक के बारे में

खबरें और भी हैं...

लाइव क्रिकट स्कोर

मौसम अपडेट

राशिफल

0
Would love your thoughts, please comment.x
()
x