दिव्य प्रकाश गुप्ता की रिपोर्ट
वाराणसी शहर के दालमंडी इलाके में सड़क चौड़ीकरण को लेकर प्रशासन ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। नगर निगम द्वारा चिह्नित जर्जर मकानों में से सोमवार को एक ही दिन में 21 मकानों को ध्वस्त किए जाने की कार्रवाई की जा रही है। यह दालमंडी क्षेत्र में अब तक की सबसे बड़ी एकदिवसीय बुलडोजर कार्रवाई मानी जा रही है।
कार्रवाई के दौरान स्थानीय दुकानदारों और मकान मालिकों में भारी आक्रोश देखने को मिला। प्रभावित लोग लगातार प्रशासन से 10 दिन की मोहलत की मांग करते रहे, लेकिन अधिकारियों ने किसी की बात नहीं सुनी। इस बीच स्थिति उस समय और गंभीर हो गई, जब मकान संख्या सीके 40/71 के मकान मालिक ने पेट्रोल डालकर खुद को आग लगाने की कोशिश की और आत्मदाह की धमकी देने लगा।
कार्रवाई के दौरान कई दुकानदार भावुक होकर फूट-फूटकर रो पड़े। उन्होंने आरोप लगाया कि बिना पर्याप्त समय और पुनर्वास की व्यवस्था किए प्रशासन लोगों को उजाड़ रहा है। दुकानदारों का कहना था कि सड़क चौड़ीकरण के नाम पर उनकी वर्षों पुरानी रोजी-रोटी छीन ली जा रही है और कोई ठोस विकल्प नहीं दिया गया।
भारी पुलिस बल तैनात, ड्रोन से हो रही निगरानी
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। मौके पर चार थानों की पुलिस फोर्स तैनात है। कुल करीब 500 पुलिसकर्मी, जिनमें महिला पुलिसकर्मी भी शामिल हैं, सुरक्षा में लगाए गए हैं। पूरे क्षेत्र की निगरानी ड्रोन कैमरों से की जा रही है। दालमंडी में आने-जाने वाले सभी मार्गों पर बैरिकेडिंग कर दी गई है ताकि किसी भी तरह की अव्यवस्था या विरोध प्रदर्शन को रोका जा सके।
आत्मदाह की धमकी से जिला प्रशासन में हड़कंप
ध्वस्तीकरण के दौरान मकान संख्या सीके 40/71 के मकान मालिक ने अचानक पेट्रोल छिड़ककर आग लगाने की कोशिश की। भारी पुलिस मौजूद होने के बावजूद वह घर के भीतर घुस गया और प्रशासन को ललकारते हुए आत्मदाह की धमकी देने लगा। मौके पर मौजूद लोग और प्रशासनिक अधिकारी उसे लगातार समझाने का प्रयास करते रहे।
23 मकानों को घोषित किया गया है जर्जर
नगर निगम के अनुसार, दालमंडी क्षेत्र में कुल 23 मकानों को जर्जर घोषित किया गया है, जिनमें से अधिकांश 100 वर्ष से अधिक पुराने हैं। इन मकानों को लेकर 31 जनवरी 2026 को नोटिस जारी किया गया था और तीन दिनों के भीतर खाली करने का निर्देश दिया गया था। निगम का कहना है कि इन जर्जर भवनों में लोगों का रहना जानलेवा हो सकता है।
एसीपी दशाश्वमेध डॉ. अतुल अंजान ने बताया कि दालमंडी में सड़क चौड़ीकरण के लिए लगातार ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जा रही है। आज की कार्रवाई अब तक की सबसे बड़ी है। किसी भी प्रकार की बाधा से बचने के लिए पुलिस बल पूरी मुस्तैदी से तैनात है और क्षेत्र में आवागमन पूरी तरह से रोका गया है।
इससे पहले 21 जनवरी को दालमंडी में एक साथ 8 मकानों को ध्वस्त किया गया था। प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई जनहित और सुरक्षा को ध्यान में रखकर की जा रही है। सूचना ये भी है कि पुलिस आगजनी करने वाले को पकड़ कर ले गई है।