*महा-संकल्प: भारतीय मीडिया फाउंडेशन (नेशनल) का वैचारिक रोडमैप……
आज के इस सूचना प्रधान युग में, जहाँ लोकतंत्र की जड़ें मीडिया की निष्पक्षता पर टिकी हैं, भारतीय मीडिया फाउंडेशन (नेशनल) एक संगठन मात्र नहीं, बल्कि एक वैचारिक क्रांति का नाम है। यह उन समर्पित पत्रकारों और निस्वार्थ सामाजिक कार्यकर्ताओं का एक अभेद्य किला है, जिन्होंने “राष्ट्र प्रथम, पत्रकारिता धर्म” को अपना जीवन मंत्र मान लिया है। हमारे संगठन की आत्मा, हमारे कर्तव्यों की गहराई और हमारे अनुशासन की कठोरता को परिभाषित करने वाला एक दस्तावेज है
भारतीय मीडिया फाउंडेशन का मूल दर्शन “स्वतंत्र अभिव्यक्ति और अंत्योदय” के सिद्धांत पर आधारित है। हमारा मानना है कि पत्रकारिता केवल खबरों का संग्रह नहीं, बल्कि समाज की विसंगतियों को दूर करने का एक शक्तिशाली ‘हथियार’ है।
*दार्शनिक आधार:*
हम उस विचारधारा के अनुयायी हैं जहाँ ‘कलम’ किसी सत्ता की दासी नहीं, बल्कि जनता की आवाज होती है।
*लक्ष्य*
एक ऐसा पारदर्शी शासन तंत्र सुनिश्चित करना, जहाँ प्रशासन जनता के प्रति जवाबदेह हो। हमारा दर्शन “मीडिया सरकार” की उस अवधारणा को पुष्ट करता है, जहाँ मीडिया केवल सवाल नहीं पूछता, बल्कि समाधान की दिशा में समाज का नेतृत्व करता है।
सामाजिक कार्यों का मूल कर्तव्य:
जन-सेवा ही परमो धर्म
एक पत्रकार जब सामाजिक कार्यकर्ता की भूमिका में आता है, तो उसकी शक्ति दोगुनी हो जाती है। संगठन के प्रत्येक सदस्य का मूल कर्तव्य है:
संवैधानिक पहरेदारी: भारतीय संविधान द्वारा प्रदत्त अधिकारों, विशेषकर सूचना के अधिकार (RTI) का प्रभावी उपयोग करना। धारा 4 और 26 के क्रियान्वयन के लिए प्रशासन पर दबाव बनाना हमारा प्राथमिक कर्तव्य है।
शोषितों का संबल: जनपद के उस मजलूम की लड़ाई लड़ना, जिसकी आवाज थानों और कचहरियों की फाइलों में दब गई है।
जागरूकता का प्रसार: समाज में व्याप्त कुरीतियों, भ्रष्टाचार और प्रशासनिक शिथिलता के विरुद्ध जनता को लामबंद करना। आपका कर्तव्य है कि आप केवल ‘रिपोर्टर’ न बनें, बल्कि समाज के ‘रक्षक’ बनें।. *भारतीय मीडिया फाउंडेशन का मूल सिद्धांत:*
“एकता, अखंडता और निर्भीकता”
हमारा संगठन तीन अटल स्तंभों पर खड़ा है:
सामूहिक शक्ति (Unity): “एकला चलो” के बजाय हम “संगठन ही शक्ति है” में विश्वास करते हैं। हमारे लिए कश्मीर से कन्याकुमारी और उत्तर प्रदेश से लेकर समस्त प्रदेश का हर पत्रकार एक परिवार है।
नैतिक अखंडता (Integrity): सत्य के साथ कोई समझौता नहीं। संगठन का सिद्धांत है कि हम बिकेंगे नहीं, हम झुकेंगे नहीं। हमारी निष्पक्षता ही हमारी सबसे बड़ी पूँजी है।
निर्भीक हस्तक्षेप (Fearless Action): भ्रष्टाचार चाहे ग्राम पंचायत में हो या मंत्रालय में, उसे उजागर करने का नैतिक साहस ही हमारा मूल सिद्धांत है।
*पदाधिकारियों के लिए अनुशासन:*
“मर्यादा, निष्ठा और समर्पण”
एक मजबूत संगठन की पहचान उसके अनुशासित पदाधिकारियों से होती है। भारतीय मीडिया फाउंडेशन के हर पदाधिकारी के लिए यह अनुशासन अनिवार्य है:
पद की गरिमा: संगठन द्वारा दिया गया पद अहंकार दिखाने के लिए नहीं, बल्कि सेवा की जिम्मेदारी निभाने के लिए है। पद का दुरुपयोग संगठन के प्रति गद्दारी माना जाएगा।
वैचारिक प्रतिबद्धता: राष्ट्रीय नेतृत्व के निर्णयों और संगठन के संविधान के प्रति अटूट निष्ठा रखना हर पदाधिकारी का धर्म है।
व्यवहारगत शालीनता: एक ‘मीडिया सरकार’ के प्रतिनिधि के रूप में आपकी भाषा, आपका आचरण और आपकी कार्यशैली समाज के लिए एक आदर्श होनी चाहिए। धैर्य और संयम हमारे सबसे बड़े आभूषण हैं। आह्वान
जनपद के योद्धाओं के लिए संदेश,
मेरे प्रिय पत्रकार साथियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं, याद रखिए कि आप साधारण मनुष्य नहीं, बल्कि आधुनिक भारत के ‘भाग्य विधाता’ हैं। आपकी एक रिपोर्ट किसी का जीवन बदल सकती है और आपका एक कदम समाज में न्याय की स्थापना कर सकता है।
जब आप अपने जनपद में कार्य करें, तो आपके भीतर वह ‘ज्वाला’ होनी चाहिए जो अन्याय को जला दे। भ्रष्टाचार के खिलाफ RTI को अपना ढाल बनाएँ और नागरिक पत्रकारिता को अपना हथियार। हम एक ऐसे “मीडिया साम्राज्य” का निर्माण कर रहे हैं जहाँ पत्रकार सुरक्षित होगा, सम्मानित होगा और उसका स्वाभिमान सर्वोपरि होगा।
“उठो! अपनी कलम की ताकत को पहचानो। भारतीय मीडिया फाउंडेशन (नेशनल) आपके साथ चट्टान की तरह खड़ा है। आइए, मिलकर एक ऐसे जनपद और ऐसे राष्ट्र का निर्माण करें जहाँ सत्य का बोलबाला हो और हर नागरिक का सिर गर्व से ऊंचा हो।”
“कलम की धार—भ्रष्टाचार पर वार!” “भारतीय मीडिया फाउंडेशन—राष्ट्र की आवाज!” “जय हिंद, जय भारत, जय पत्रकारिता!”