कार्यालय प्रतिनिधि रिपोर्ट
*भोपाल* 28 जून मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में आयोजित Regional Consultation on Advancing Justice for Adivasi Women Survivors of Sexual Violence विषयक पर राष्ट्रीय कार्यशाला में उत्तर प्रदेश के वाराणसी की सामाजिक कार्यकर्ता एवं युवा फाउंडेशन की संस्थापक सीमा चौधरी ने सक्रिय सहभागिता निभाई। यह कार्यशाला महिलाओं के अधिकारों के क्षेत्र में कार्यरत संगठनों National Council of Women Leaders और Equality Now के सहयोग से आयोजित की गई
*Equality Now*
कार्यक्रम के दौरान सीमा चौधरी पैनल चर्चा में शामिल रहीं, जहाँ उन्होंने आदिवासी महिलाओं के विरुद्ध होने वाली हिंसा, न्याय तक उनकी पहुँच, कानूनी सहायता तथा सामाजिक जागरूकता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर अपने विचार व्यक्त किए उन्होंने विभिन्न राज्यों से आए सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं प्रतिभागियों द्वारा पूछे गए प्रश्नों के उत्तर भी दिए।
इस राष्ट्रीय कार्यशाला में भारत के कई राज्यों से अपने-अपने क्षेत्र में उत्कृष्ट सामाजिक कार्य करने वाली महिला सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। सभी प्रतिभागियों ने महिलाओं के अधिकार, लैंगिक समानता तथा हिंसा से पीड़ित महिलाओं को न्याय दिलाने के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज़ (TISS), मुंबई से शिवली जी तथा वेव फाउंडेशन से मंजुला प्रदीप जी सहित अनेक विशेषज्ञ एवं सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
इस अवसर पर सीमा चौधरी ने कहा कि आदिवासी महिलाओं को न्याय, सुरक्षा और सम्मान दिलाने के लिए केवल कानून बनाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि समाज, प्रशासन और सामाजिक संगठनों को मिलकर संवेदनशील एवं प्रभावी प्रयास करने होंगे।
यह राष्ट्रीय कार्यशाला विभिन्न राज्यों के सामाजिक कार्यकर्ताओं के बीच अनुभव साझा करने, सहयोग को मजबूत करने तथा आदिवासी महिलाओं के अधिकारों और न्याय से जुड़े मुद्दों पर प्रभावी रणनीति तैयार करने का महत्वपूर्ण मंच साबित हुई।