सलीम मंसूरी की रिपोर्ट
जमानियां। मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले (प्रत्येक रविवार) के आयोजन में लगातार लापरवाही देखी जा रही है। जिसमें मुख्यमंत्री का बैनर गायब रहता है। सिर्फ खानापूर्ति के लिए रातमिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सक बैठे रहते है। जिसके चलते मरीजों की संख्या में गिरावट देखने को मिलता है। वही डॉक्टरों की अनुपस्थिति दवाओं की कमी और खराब बुनियादी ढांचे के कारण इसे एक औपचारिकता माना जा रहा है। कस्बा स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) पर न तो महिला सजन के अभाव में महिला मरीजों के सामने जटिल समस्या गहराई जा रही है। होम्योपैथिक डॉक्टर सहित आयुर्वेदिक चिकित्सक पर निर्भर किया जा रहा है। एलोपैथिक के बजाय आयुर्वेदिक एवं होम्योपैथिक डॉक्टर के भरोसे मरीजों का इलाज किया जा रहा है। जो सरकारी दिशानिर्देशों के खिलाफ है। जिससे के कारण दूर दराज के क्षेत्रों से आने वाले मरीजों को असुविधा हो रही है। लेकिन मुख्यचिकित्साधिकारी के द्वारा निरीक्षण नहीं की जा रही है। जबकि लगातार मिल रही शिकायतों के कारण मेला प्रभावित हो रहा है। अमन खान गांधी, वीरेंद्र कुमार, बृजेश जायसवाल, रईसूल होदा सहित आदि लोगों ने मांग किया है। कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की निरीक्षण कर पूरी सुविधा मुहैया कराया जाए। अन्यथा दुर्व्यवस्था के खिलाफ धरना प्रदर्शन के साथ आंदोलन चलाने को मजबूर होंगे।