वरिष्ठ पत्रकार राजेंद्र गुप्ता
वाराणसी — प्रदेश की आंगनबाड़ी बहनों ने कार्यकर्तियों को लखनऊ से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा यशोदा मैया और सारथी की उपाधि देते हुए धोखा देने का आरोप लगाया है। उक्त बातें उत्तर प्रदेश आंगनबाड़ी कर्मचारी कल्याण एसोसिएशन लखनऊ की प्रदेश अध्यक्ष अंजनी मौर्या ने जरिये प्रेस विज्ञप्ति कहीं। उन्होंने बताया कि योगी सरकार से प्रदेश की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय वृद्धि की उम्मीद पर मुख्यमंत्री द्वारा बार-बार सामाजिक एवं सरकारी मंचों से मानदेय बढ़ाने की बात कहना, लेकिन कब और कितना मानदेय बढ़ाएंगे जिसकी स्पष्टता की घोषणा ना करना, आज एक बार फिर सातवीं बार छलावा साबित हुआ।ऐसी परीस्थिति में सूबे की सरकार की कथनी करनी में स्पष्ट अन्तर दिखाई दे रहा है।ऐसे में सरकार का यह कृत्य प्रदेश की आंगनवाड़ी कार्यकर्तियों को आत्महत्या करने पर मजबूर कर रही है। क्योंकि कार्य सरकारी कर्मचारी से ज्यादा लेना, दाम दो कौड़ी के बराबर देना घोर अन्याय की तरफ इशारा करता है। हक अधिकार की बात के लिए आगे आने वाली आंगनबाड़ी बहनों को अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस/अधिकार दिवस पर हाउस अरेस्ट करवाना बहुत ही शर्मनाक व निन्दनीय रहा। प्रदेश अध्यक्ष अंजनी मौर्या ने योगी सरकार को चेतावनी दिया है कि यदि योगी सरकार आगामी 30 अप्रैल 2026 से पहले मानदेय बढ़ाते हुए आंगनबाड़ी बहनों को शासकीय कर्मचारी का दर्जा नहीं देती है तो आगामी मजदूर दिवस पर 01मई को आंगनबाड़ी केन्द्रों का कार्य पूरी तरह से ठप कर दिया जायेगा।जिसका खामियाजा सूबे की योगी सरकार को भुगतना पड़ सकता है।