गुफरान अहमद की रिपोर्ट मिर्जापुर-मुख्यालय स्थित कलेक्ट्रेट परिसर में उस समय अजीब स्थिति उत्पन्न हो गई जब सरकारी अभिलेखों में मृत घोषित की गई एक महिला जिलाधिकारी से खुद को “जिंदा” साबित करने की गुहार लगाने पहुंची। महिला ने आरोप लगाया कि उसके पिता की जमीन पर कब्जा करने की नीयत से उसे सरकारी मिलीभगत से कागजों में मृत दर्शा दिया गया है। महिला ने दोषी ग्राम प्रधान एवं अधिकारियों पर मुकदमा दर्ज किए जाने की मांग की।
सोनभद्र जनपद के कर्मा क्षेत्र में ब्याही सुमन ने जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर बताया कि वह पूर्णतः जीवित है, लेकिन राजस्व अभिलेखों एवं अन्य सरकारी दस्तावेजों में उसे मृत दर्ज कर दिया गया है। सुमन का कहना है कि उसके पिता राम आसरे की पैतृक भूमि पर कब्जा करने के उद्देश्य से साजिश रची गई है। इसी साजिश के तहत उसे मृत दिखाकर जमीन पर अवैध रूप से अधिकार जमाने की कोशिश की जा रही है।
सुमन ने बताया कि वह वर्ष 2023 से लगातार अधिकारियों के चक्कर काट रही है और खुद को जीवित साबित करने के लिए गुहार लगा रही है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
सुमन का कहना है कि सरकारी रिकॉर्ड में मृत घोषित होने के कारण उसे कई योजनाओं और अधिकारों से वंचित होना पड़ रहा है। राशन, पहचान पत्र और अन्य दस्तावेजों में भी उसे परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उसने जिलाधिकारी से निष्पक्ष जांच कराकर अभिलेखों में संशोधन कराने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।