वरिष्ठ पत्रकार राजेंद्र गुप्ता
वाराणसी –उदय प्रताप स्वायत्तशासी महाविद्यालय के भूगोल विभाग के सभागार में मंगलवार को छात्र छात्राओं को बीएचयू भूगोल विभाग के डा.शाहशफद द्वारा भूगोल विषय में शोध कार्य के लिए सुदूर संवेदन एवं जीआईएस का ज्ञान एवं उपयोग के विषय में विस्तार से जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि रिमोट सेंसिंग एवं जीआईएस के द्वारा शोध का कार्य पिछले दिनों की अपेक्षा आसान हो गया है। हम सभी को इस तकनीक को अपनाने की आवश्यकता है। उड़ी सर्जिकल स्ट्राइक में सटीक स्थान का ज्ञान भी इसी तकनीक के माध्यम से हुआ था। व्याख्यान का प्रारंभ प्रोफेसर अंजू सिंह भूगोल विभागाध्यक्ष के बिषय प्रस्तावना से हुआ। उन्होंने बताया कि भूगोल में होने वाले परंपरागत शोध भी रिमोट सेंसिंग के द्वारा सरल तरीके से किया जा सकता है।इस कार्यक्रम का संचालन डा.मनोज कुमार ने स्वागत प्रो. पंकज कुमार सिंह ने धन्यवाद ज्ञापित डा.विपिन कुमार राय ने किया।इस कार्यक्रम में एमए द्वितीय एवं चतुर्थ सेमेस्टर के विद्यार्थी एवं पीएचडी कोर्स वर्क के शोध छात्र उपस्थित रहे।