सलीम मंसूरी की रिपोर्ट
जमानियां। नगर पालिका परिषद के मोहल्ला काजी टोला में एक साल पहले बड़े अरमानों के साथ निकाह के बंधन में बंधी आज़मगढ़ की रहने वाली रानी को उसके शौहर और ससुराल वालों ने प्रताड़ित कर घर से बाहर निकाल दिया। इंसाफ की गुहार लगाती पीड़िता रविवार की दोपहर अपने ससुराल के दरवाजे पर धरने पर बैठ गई। लेकिन ससुराल वालों ने अंदर से दरवाजा बंद कर लिया। देर शाम तक कोई रास्ता न देख पीड़िता ने 112 डायल पुलिस को सूचना दी। जिसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने महिला और ससुराल पक्ष के एक सदस्य को कोतवाली ले गई।
पीड़िता रानी का निकाह एक साल पहले काजी टोला निवासी स्वर्गीय नसीम इदरीसी के पुत्र शहजाद अहमद इदरीसी के साथ दोनों पक्षों और गवाहों की मौजूदगी में पूरे रीति-रिवाज से हुआ था। रानी ने रोते हुए अपनी आपबीती बताते हुए। कहा कि निकाह से पहले शहजाद या उसके परिवार ने दहेज की कोई बात नहीं की थी। लेकिन शादी के कुछ समय बाद ही शौहर का रंग बदलने लगा और कम दहेज का ताना देकर उसे शारीरिक व मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाने लगा। जब मांग पूरी नहीं हुई, तो उसे घर से बेघर कर दिया गया। अब ससुराल वाले उसे मानसिक बीमार बताकर पीछा छुड़ाने का घिनौना हथकंडा अपना रहे हैं। पीड़िता ने बताया कि उसका शौहर शहजाद पहले से ही शादीशुदा है। उसने पहली पत्नी से बिना कानूनी तलाक लिए, रानी को पूरी तरह अंधकार में रखा और झूठ बोलकर निकाह कर लिया। पीड़िता रानी ने बेहद भावुक और आक्रोशित लहजे में कहा कि मैं एक शादीशुदा औरत हूं। अब कहां जाऊं शादी का झांसा देकर मेरी इज्जत और जिंदगी के साथ खिलवाड़ किया गया है। अगर मुझे न्याय चाहिए। टूटी हुई लेकिन हौसला समेटे रानी ने साफ किया है। कि वह अपने अधिकारों के लिए आखिरी सांस तक लड़ेंगी। प्रभारी निरीक्षक राम सजन नागर ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।