वरिष्ठ पत्रकार राजेंद्र गुप्ता
वाराणसी — उदय प्रताप स्वायत्तशासी महाविद्यालय में आयोजित सात दिवसीय राष्ट्रीय सेवा योजना के दूसरे दिन स्वयंसेविकाओं द्वारा उदय प्रताप कालेज के इग्नू अध्ययन केंद्र तथा नारायणपुर वार्ड में राष्ट्रीय सेवा योजना शिविर का आयोजन किया गया। इस अवसर पर स्वयंसेवकों एवं स्वयंसेवकाओं द्वारा सुरक्षा एवं जागरूकता अभियान चलाकर आम नागरिकों को व्यक्तिगत सुरक्षा, सामाजिक सुरक्षा, साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया। इस कार्यक्रम का आयोजन दो सत्रों में किया गया। प्रथम सत्र में स्वयंसेवकों एवं स्वयंसेवकों द्वारा नारायणपुर वार्ड में जाकर स्थानीय नागरिकों को सुरक्षा एवं साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया।इस दौरान लोगों को बताया गया कि किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक ना करें। अपनी बैंकिंग जानकारी, ओटीपी, पासवर्ड किसी के साथ साझा ना करें तथा सोशल मीडिया का उपयोग सावधानी पूर्वक करें। शिविर का दूसरा सत्र उदय प्रताप कॉलेज के इग्नू अध्ययन केंद्र में किया गया। जिसमें राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम अधिकारियों द्वारा स्वयंसेवकों एवं स्वयंसेविकाओं को संबोधित किया गया।इस अवसर पर डा. आनंद राघव चौबे ने अपने वक्तव्य में कहा कि युवाओं की भागीदारी से ही समाज में जागरूकता और सकारात्मक परिवर्तन संभव है। स्वयं सेवकों को समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए जनहित के कार्यों में सक्रिय रूप से भाग लेना चाहिए। डा. प्रदीप कुमार सिंह ने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना विद्यार्थियों में सेवा अनुशासन और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से छात्र छात्रायें समाज की समस्याओं को समझते हैं और उनके समाधान के लिए प्रयासरत भी रहते हैं। अग्नि प्रकाश शर्मा ने कहा कि वर्तमान समय में सुरक्षा और विशेष रूप से साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूकता अत्यंत आवश्यक है। इस अवसर पर कार्यक्रम अधिकारी श्वेता सोनकर ने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना का उद्देश्य केवल सेवा कार्यों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि समाज में जागरूकता सहयोग और सकारात्मक सोच का प्रसार करना भी है। इस कार्यक्रम में सभी स्वयंसेवकों ने समाज में सुरक्षा, साइबर सुरक्षा एवं जनजागरूकता का संदेश व्यापक फैलाने का संकल्प लिया। इस अवसर पर राष्ट्रीय सेवा योजना की कार्यक्रम अधिकारियों के मार्गदर्शन में बड़ी संख्या में स्वयंसेवक एवं स्वयं स्वयंसेवकायें उपस्थित रहीं और उन्होंने शिविर को सफल बनाने में अपनी सक्रिय भूमिका निभाई।