Follow us on

श्रीमद्भागवत महापुराण का श्रवण मनुष्य के जीवन को पवित्र एवं सकारात्मक बनाता है..कथाव्यास सदानंद जी महाराज।

Share this post:

अमीत श्रीवतास्तव की रिपोर्ट 

वाराणसी। काशीपुर देउरा स्थित आदिशंकराचार्य महासंस्थानम् में आयोजित शिव महापुराण एवं श्रीमद्भागवत महापुराण कथा का भव्य समापन श्रद्धा, भक्ति एवं आध्यात्मिक उल्लास के बीच संपन्न हुआ। कथा के अंतिम दिवस गुजरात से पधारे प्रसिद्ध कथाव्यास सदानंद जी महाराज ने अपने ओजस्वी एवं भावपूर्ण प्रवचनों से श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। उन्होंने सती चरित्र की अत्यंत मार्मिक एवं प्रेरणादायी व्याख्या करते हुए धर्म, निष्ठा और त्याग के महत्व को विस्तारपूर्वक बताया।

कथाव्यास सदानंद जी महाराज ने कहा कि श्रीमद्भागवत महापुराण का श्रवण मनुष्य के जीवन को पवित्र एवं सकारात्मक बनाता है। उन्होंने कहा कि काशी जैसी मोक्षदायिनी नगरी में कथा श्रवण का विशेष महत्व है। यहां होने वाले धार्मिक एवं आध्यात्मिक आयोजनों से समाज में संस्कार, सद्भाव और धर्म के प्रति आस्था मजबूत होती है। उन्होंने भक्तों से सनातन संस्कृति को आत्मसात करते हुए अपने जीवन में धार्मिक मूल्यों को अपनाने की अपील भी की।

महाराज श्री ने अपने प्रवचन में शिव महापुराण एवं भागवत महापुराण की महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि इन ग्रंथों में मानव जीवन के कल्याण का मार्ग निहित है। कथा के दौरान श्रद्धालु भक्ति रस में डूबे दिखाई दिए और पूरा परिसर “हर-हर महादेव” तथा “राधे-राधे” के जयघोष से गूंज उठा।

यह धार्मिक आयोजन श्री काशी सुमेरु पीठ में जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी नरेंद्रानंद सरस्वती महाराज के सानिध्य में आयोजित किया गया। श्रद्धालुओं ने जगद्गुरु शंकराचार्य जी का आशीर्वाद प्राप्त कर स्वयं को धन्य महसूस किया। आयोजन में बड़ी संख्या में संत-महात्मा, विद्वान, श्रद्धालु एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के समापन पर आयोजकों द्वारा सभी अतिथियों, संतों एवं श्रद्धालुओं के प्रति आभार व्यक्त किया गया। साथ ही सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार एवं धार्मिक आयोजनों को निरंतर आगे बढ़ाने का संकल्प भी लिया गया।

लेखक के बारे में

खबरें और भी हैं...

लाइव क्रिकट स्कोर

मौसम अपडेट

राशिफल

0
Would love your thoughts, please comment.x
()
x