वाराणसी। समन्वित ग्रामीण विकास केन्द्र (CIRD), काशी हिन्दू विश्वविद्यालय द्वारा सीपीआर (कार्डिओ पुल्मनेरी रेसयूसीयसन ) प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसका उद्देश्य प्रतिभागियों को जीवन-रक्षक आपातकालीन कौशलों से सशक्त बनाना था, जो संकट की घड़ी में अत्यंत महत्वपूर्ण सिद्ध होते हैं। कार्यशाला के मुख्य वक्ता प्रो. कुलदीप कुमार पांडेय , अध्यक्ष, संयोगाहरण विभाग, आयुर्वेद संकाय, आईएमएस, बीएचयू रहे। प्रो. पांडेय आपातकालीन प्रतिक्रिया तकनीकों और क्लिनिकल प्रशिक्षण के क्षेत्र में प्रतिष्ठित विशेषज्ञ हैं। कार्यक्रम का शुभारंभ डॉ. आलोक कुमार पांडेय द्वारा स्वागत भाषण से हुआ। कार्यशाला का समन्वयन डॉ. प्रियदर्शिनी तिवारी द्वारा किया गया। कार्यक्रम के समापन पर श्री भूपेन्द्र प्रताप सिंह ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। इस प्रशिक्षण में प्रतिभागियों को सीपीआर तकनीकों, आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रक्रियाओं तथा व्यावहारिक अभ्यास का अवसर मिला। विशेष रूप से ग्रामीण महिलाओं को भी सीपीआर के व्यावहारिक कौशल सिखाए गए, जिससे आपात स्थिति में उनकी तत्परता और आत्मविश्वास को मजबूत किया जा सके। कार्यशाला का उद्देश्य प्रतिभागियों में आत्मविश्वास, तत्परता और जीवन-रक्षक स्थितियों में प्रभावी प्रतिक्रिया देने की क्षमता को बढ़ाना था। कार्यशाला मे डॉ मनोकामना एवं आरती विस्वकर्मा एवं विद्यार्थियों, ग्रामीण महिलाओं एवं कर्मचारियों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया ।