सलीम मंसूरी की रिपोर्ट जमानिया
जमानियां। 19 फरवरी से रमजान का पाक महीना शुरू हो गया है। इस महीने में इबादत के साथ-साथ सेहत और स्वाद का तालमेल बिठाना किसी चुनौती से कम नहीं है। पहले और आज के दौर में घरों की महिलाएं सेहत को देखते हुए। पकवान बना रही है। रोजेदार जहाना बेगम बताती है। की पहले और आज के दौर में रोजेदारों के लिए अफ्तार सूजी की हलवा, सेवइयां, अनेकों फलों को सजाकर रोजेदारों के सामने रखी जाती है। सुबह सहरी में अंडा दूध के अलावा अन्य चीजें परोसे जाते है। सुबह की नींद तो हर किसी को प्यारी होती है। ऐसे में सहरी की वो नींद भरी आंखें हों या इफ्तार की वो शिद्दत वाली भूख, किचन में घंटों खड़े रहना अक्सर मुश्किल हो जाती है।
वही अब रोजेदार पुराने पकौड़े और पराठों से बोर हो चुके है। अब उनके लिए ऐसी रेसिपीज बनाई जाती है। जिसमें स्वाद में इतनी लाजवाब हैं। कि दस्तरख्वान पर बैठते ही घरवाले उंगलियां चाटते रह जाएंगे। जायका ऐसा कि हर कोई रेसिपी पूछने पर मजबूर हो जाते है। उन्होंने बताया कि इफ्तार के लिए फ्रूट चाट सबसे बेहतरीन डिश है क्योंकि यह शरीर को तुरंत हाइड्रेशन और नेचुरल शुगर देती है। इसे खाने से रोजेदार पूरे दिन एनर्जेटिक महसूस करते हैं। इसे बनाने की रेसिपी और सामग्री नीचे दी गई है। निशा ने बताया कि फ्रूट चाट बनाने के लिए सामग्री
कटा हुआ सेब, केला, अनार के दाने, पपीता, काला नमक, चाट मसाला, और थोड़ा सा नींबू का रस। और सभी फलों को एक बड़े बाउल में काट कर इसमें स्वादानुसार काला नमक और 1 चम्मच चाट मसाला डालकर ऊपर से नींबू का रस निचोड़ें और अच्छी तरह मिलाकर रोजेदारों के सामने पेश किया जाता है। रोजेदार नसीर अहमद ने बताया कि रोजा रखने के लिए अपने परिवार के बुजुर्गों के सामने जिद किया करते थे। जिसके चलते धीरे धीरे रोजा करने और नमाज पढ़ने, कुरान की तिलावत करने में आदत सी बन गई। उन्होंने बताया कि घरों की महिलाओं को इफ्तार और सहरी तैयार करने की जान कहा जाता है। जो पेट को भी हल्का रखती