जमानियां सलीम मंसूरी की रिपोर्ट। सावन माह के महीने में विकास खंड अंतर्गत ग्राम सैदाबाद और उसके आसपास के नागरिकों को गंगा नदी से जल भरने जाने के दौरान इसी जर्जर और गड्ढायुक्त रास्ता जाते है। जिसके चलते भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। बताया जाता है। की समस्याओं के मुख्य बिंदु रास्ते की दुर्दशा एवं सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे होने से पैदल चलना और वाहन चलाना जोखिम भरा हो गया है।चोट लगने का एक गंभीर खतरा बन चुका है। गड्ढों में पानी भर जाने से स्थानीय लोगों के साथ राहगीर अक्सर इन गड्ढों के कारण फिसलकर चोटिल हो जाते हैं। ऐसे में सावन माह में ग्रामीण क्षेत्र के लोग कैसे गंगा नदी में जल भरने और मंदिर में जलाशिषेक चढ़ाने जाएंगे। पूर्व ग्राम प्रधान अशोक कुमार राय, विवेक तिवारी, अभिषेक कुमार तिवारी के साथ स्थानीय लोगों के सामने आवाजाही के लिए एक गंभीर समस्या खड़ी हो चुकी है। उन्होंने कहा कि पक्के और सुरक्षित मार्ग की कमी के कारण लोगों को रोजमर्रा के कार्यों में कठिनाई सामना करने को मजबूर रहते है। सड़क की बदहाली देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है। विभाग कितना उदासीन रहता है। सावन माह के दौरान ग्रामीण क्षेत्र और जर्जर गड्ढायुक्त सड़क के कारण लोगों को गंगा नदी या अन्य स्रोतों से जल भरने व रोजमर्रा के आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। इस समस्या से स्थानीय नागरिकों और कांवड़ियों की सुरक्षा पर गंभीर संकट बना हुआ है। बड़े-बड़े गड्ढों और जलभराव के कारण दोपहिया वाहन चालकों और पैदल यात्रियों के चोटिल होने की आशंका रहती है। प्रशासनिक उदासीनता के कारण एवं लंबे समय से मरम्मत न होने के कारण मार्ग पूरी तरह बदहाल हो चुके हैं। बारिश के दिनों में इन रास्तों पर चलना और भी अधिक जोखिम भरा हो जाता है। जर्जर व गड्ढायुक्त संपर्क मार्गों के कारण गंगा नदी से जल भरने या आवागमन करने वाले राहगीरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बारिश और जलभराव से रास्तों की स्थिति और भी गंभीर हो गई है। सड़क की समस्याएं गहरे गड्ढे रास्तों पर बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं। जिनमें पानी भरने से गहराई का अंदाजा नहीं होता। फिसलने और कीचड़ के कारण दोपहिया वाहन चालकों व पैदल यात्रियों को चोटिल होने का डर रहता है।