वरिष्ठ पत्रकार राजेंद्र गुप्ता
वाराणसी –सेंट्रल जेल में उच्चतम न्यायालय के आदेश के अनुसार शुक्रवार को दिव्यांग बन्दियों को सेन्ट्रल जेल में विशेष सुविधा उपलब्ध कराने हेतु एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस संगोष्ठी में सीआरसी भारत सरकार के निदेशक आशीष कुमार झा, जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी राम प्रकाश सिंह, वरिष्ठ सहायक दिव्यांगजन सशक्तिकरण कार्यालय वाराणसी के वरिष्ठ सहायक विकास सिंह,नई सुबह के मनोचिकित्सक डा.अजय तिवारी, वरिष्ठ जेल अधीक्षक राधाकृष्ण मिश्र,जेलर अखिलेश कुमार व अन्य के समक्ष सेंट्रल जेल में निरुद्ध कुल 30 दिव्यांगजन सिद्ध दोष बन्दियों से एक-एक करके संवाद किया गया। इसमें निदेशक सीआरसी भारत सरकार आशीष कुमार झा, जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी राम प्रकाश सिंह ने भारत सरकार एवं राज्य सरकार के द्वारा दिव्यांग बन्दियों को दिए जाने वाले विशेष सुविधाओं के बारे में विस्तार से बताया गया। विशेष सुविधाओं जैसे दिव्यांग पेंशन योजना, आश्रित बच्चों के शिक्षा हेतु अनुदान आदि की विशेष जानकारी दी गयी। कारागार में निरूद्ध 16 बन्दियों को पेंशन हेतु, सात बन्दियों का आधार कार्ड बनाए जाने हेतु व 23 बन्दियों को आधार कार्ड बनाए जाने हेतु चिन्हित किया गया। आधार कार्ड का कार्य पूर्ण हो जाने के उपरान्त जिन बन्दियों के पास दिव्यांग प्रमाण पत्र उपलब्ध है उनको अपडेट किया जाएगा व अन्य दिव्यांग बन्दियों का नया दिव्यांग प्रमाण पत्र बनाया जायेगा। दिव्यांग विभाग द्वारा बन्दियों को आवश्यकतानुसार ट्राई साइकिल, सेंसर वाली छड़ी, आर्टिफिशियल लिंब, बैसाखी आदि उपलब्ध कराया जाएगा। नई सुबह के मनोचिकित्सक डा. अजय तिवारी द्वारा कारागार में दिव्यांग व्यक्तियों हेतु यथा संभव आवश्यक सुविधाओं को दिए जाने का आश्वासन दिया गया। वरिष्ठ जेल अधीक्षक राधा कृष्ण द्वारा कारागार में पधारे सभी आगन्तुकों द्वारा दिव्यांग बन्दियों को दिए जाने वाले सुविधाओं की विशेष जानकारी देने हेतु व सुविधाओं को परिपूर्ण करने में आवश्यक कागजातों को उपलब्ध कराए जाने के लिए धन्यवाद दिया गया। इस मौके पर वरिष्ठ जेल अधीक्षक राधाकृष्ण मिश्र, जेलर अखिलेश कुमार, किशन सिंह वाल्दिया ,राजा बाबू, फार्मासिस्ट संदीप खरे एवं अन्य अधिकारी व कर्मचारीगण का उपस्थित