वरिष्ठ पत्रकार राजेंद्र गुप्ता
वाराणसी — सेंट्रल जेल वाराणसी में चल रही जेल प्रीमियर लीग प्रीमियर लीग- 2026 के मैच में गुरुवार को डिसिप्लिन डेयर डेविल्स और काशी नाइट राइडर्स टीम के बीच क्रिकेट मैच खेला गया। वरिष्ठ कारागार अधीक्षक राधा कृष्ण मिश्र के आवाहन पर सभी अधिकारियों, कर्मचारियों और खिलाड़ियों के साथ-साथ सभी दर्शक गणों द्वारा खड़े होकर राष्ट्र गान गाया गया। तत्पश्चात मैच की औपचारिक शुरुआत की गयी। गुरुवार को फाइनल मैच 15 ओवरों का कराया गया। डिसिप्लुन डेयर डेविल्स ने टॉस जीतकर काशी नाइट राइडर्स को बल्लेबाजी करने के लिए आमंत्रित किया।काशी नाइट राइडर्स टीम की ओपेनिंग अच्छी नहीं रही।05 ओवरों तक स्कोर मात्र 37 रन एक विकेट के नुकसानी पर बन पाया।बाद के बल्लेबाजों ने कुछ अच्छा प्रदर्शन करते हुए निर्धारित 15 ओवरों में 156 रन का स्कोर डिसिप्लीन डेयर डेविल्स के समक्ष प्रस्तुत किया।टीम की तरफ से अविनाश सिंह ने 27 बालों पर 03 छक्के दो चौके की मदद से 35 रन बनाए।चन्दन यादव ने 21 बालों पर 04 छक्के एक चौके की मदद से 38 रन बनाए।आकाश पाल ने 19 बालों पर 04 छक्के और 04 चौके की मदद से नाबाद 47 रन बनाये तथा लोकेश्वर राव ने 26 बालों पर एक छक्के व दो चौके की मदद से 22 रन बनाकर निर्धारित 15 ओवरों में अपने टीम के लिए 156 रन जोड़े।लक्ष्य का पीछा करने उतरी डिसिप्लीन डेयर डेविल्स की शुरुआत काफी निराशा जनक रही।पहले ही ओवर में काशी नाइट राइडर्स के मोहन उर्फ कालिया ने दो बल्लेबाजों को पवेलियन का रास्ता दिखाते हुए मैच पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली। डिसिप्लीन डेयर डेविल्स के बल्लेबाजों पर दबाव काफी बढ़ गया। जिसके चलते हड़बड़ाहट में निरन्तर अन्तराल पर एक के बाद एक बल्लेबाज आउट होते चले गये।ऐसा प्रतीत हो रहा था कि पूरी टीम सौ रन भी नहीं बना पायेगी। लेकिन डिसिप्लीन डेयर डेविल्स के मिस्टर भरोसेमंद कहे जाने वाले जेल वार्डर प्रेम चन्द मौर्या ने धैर्यपूर्वक खेलते हुए टीम का स्कोर 139 रन तक पहुंचाने में कामयाब हो सके। हालांकि प्रेमचन्द मौर्या ने अपनी टीम को जीत नहीं दिला पाये। परन्तु सम्मान जनक स्कोर तक अपनी टीम को ले जाने में कामयाब रहे।दूसर छोर से कोई भी बल्लेबाज उनका साथ नहीं दे पाया।जेल वार्डर प्रेमचन्द मौर्या ने 27 बालों पर आठ छक्के व तीन चौकों की मदद से 65 रन बनाए। इनके अलावा प्रखर मिश्रा ने 12 बालों पर एक छक्के व दो चौके की मदद से 21रन ही बना सके।जेल वार्डर आशीष कुमार सिंह ने 17बालों पर दो छक्के की मदद से 16 रन बनाए।काशी नाइट राइडर्स की तरफ से मोईन कालिया ने चार ओवरों में 24 रन देकर 03 विकेट लिए। वहीं मनजी यादव ने किफायती बालिंग करते हुए तीन ओवरों में 19 रन देकर एक विकेट अपने नाम किये। डिसिप्लीन डेयर डेविल्स की तरफ से धर्मेन्द्र यादव ने चार ओवरों में 34 रन देकर दो विकेट तथा प्रेमचन्द मौर्या ने चार ओवरों में 41 रन देकर एक विकेट हासिल कर सके।मैन आफ दी मैच का पुरस्कार चन्दन यादव (21 बाल पर 38 रन तथा चार ओवरों में 46 रन देकर दो विकेट) को देते हुए वरिष्ठ कारागार अधीक्षक राधाकृष्ण मिश्रा ने पूरी टीम को एकजुट होकर शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल का विजेता बनने पर हार्दिक शुभकामनाएं दी।मैन आफ दी टूर्नामेंट का पुरस्कार जेल वार्डर धर्मेंद्र यादव (27 विकेट) को ही दिया गया। बेस्ट बैटर व सबसे ज्यादा छक्का लगाने हेतु पुरस्कार सेंट्रल जेल चैलेंजर्स के जीतेन्द्र कुमार रौनियार ( 109 बालों में 275 रन व 33 छक्के) को दिया गया।सबसे तेज अर्धशतक लगाने का पुरस्कार शिखर मिश्रा (11 बालों पर 50 रन) को दिया गय। वरिष्ठ कारागार अधीक्षक राधाकृष्ण मिश्रा ने इस टूर्नामेंट की समीक्षा करते हुए कहा कि कारागार प्रशासन का हमेशा से यही प्रयास रहा है कि कारागार में निरूद्ध बन्दियों के मनोरंजन एवं कौशल विकास के लिए समय समय पर भिन्न-भिन्न कार्यक्रम कराये जायें जिससे कारागार में निरूद्ध बन्दीजन अपनी सभी चिंताओं को भूलकर खुशनुमा माहौल में जी सकें। टूर्नामेंट का संचालन जेलर अखिलेश कुमार के द्वारा किया गया।इस अवसर पर वरिष्ठ कारागार अधीक्षक राधाकृष्ण मिश्रा, वरिष्ठ चिकित्सकीय परामर्श दाता लक्ष्मीकान्त त्रिपाठी, चिकित्साधिकारी अभिषेक कुमार सिंह,जेलर अखिलेश कुमार,डिप्टी जेलर अशोक कुमार राय,किशन सिंह वाल्दिया,राजा बाबू, अयोध्या प्रसाद एवं अन्य अधिकारी व कर्मचारी गण उपस्थित रहे।