वरिष्ठ पत्रकार राजेंद्र गुप्ता की रिपोर्ट. वाराणसी — उदय प्रताप कालेज वाराणसी का रक्षा एवं स्त्रातजिक अध्ययन (सैन्य विज्ञान) विभाग युवाओं के लिए कैरियर निर्माण का एक सशक्त मंच बनकर उभर रहा है।इस विषय से पढ़ने वाले छात्रों को बदलते वैश्विक परिदृश्य में कैरियर निर्माण हेतु अपार सम्भावनायें हैं। बदलते वैश्विक परिदृश्य में राष्ट्रीय सुरक्षा, सामरिक चुनौतियां, आतंकवाद, साइबर सुरक्षा तथा अंतरराष्ट्रीय संबंधों के बढ़ते महत्व के कारण इस विषय की उपयोगिता निरंतर बढ़ती जा रही है। यह विषय विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता, अनुशासन, निर्णय लेने की योग्यता, रणनीतिक सोच तथा राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय मुद्दों की गहन समझ विकसित करता है। रक्षा एवं स्त्रातजिक बिषय भारतीय सेना,नौसेना, वायुसेना, अर्ध सैनिक बलों, पुलिस सेवाओं, यूपीएससी एवं राज्य लोक सेवा आयोग, आपदा प्रबंधन, राष्ट्रीय सुरक्षा,रक्षा विश्लेषण, शोध एवं शिक्षण के साथ-साथ यूजीसी नेट, जेआरएफ और पीएचडी जैसे उच्च शिक्षा एवं शोध के क्षेत्रों में भी उत्कृष्ट संभावनाएं प्रदान करता है। यही कारण है कि विद्यार्थियों के बीच इस विषय की लोकप्रियता लगातार बढ़ती जा रही है। उदय प्रताप कालेज में पिछले शैक्षणिक सत्र से रक्षा एवं स्त्रातजिक अध्ययन विषय में स्नातकोत्तर(एम ए) की कक्षाओं का सफलतापूर्वक शुभारंभ किया गया। प्रथम वर्ष से ही छात्र-छात्राओं ने इसमें उत्साह पूर्वक प्रवेश लेकर अपनी रुचि का परिचय दिया। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ से संबद्ध महाविद्यालयों में वर्तमान में केवल उदय प्रताप कॉलेज वाराणसी में ही इस विषय की स्नातकोत्तर (पीजी) की कक्षाएं संचालित की जा रही हैं। जो इस विभाग की एक विशेष उपलब्धि है। वर्तमान में शैक्षणिक क्षेत्र में स्नातकोत्तर (एम ए) में प्रवेश प्रक्रिया जारी है। खास बात यह है कि इस पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए किसी भी प्रकार की प्रवेश परीक्षा नहीं देनी होती। बल्कि विश्वविद्यालय द्वारा निर्धारित पात्रता के आधार पर सीधे प्रवेश दिया जाता है। यदि आप राष्ट्रीय सुरक्षा, रक्षा अध्ययन और रणनीतिक विषयों में रुचि रखते हैं तथा एक सम्मानजनक एवं उज्जवल कैरियर का सपना देखते हैं, तो रक्षा एवं स्त्रातजिक अध्ययन (सैन्य विज्ञान) आपके लिए एक उत्कृष्ट और भविष्य उन्मुख विकल्प है